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शुक्रवार, 28 मार्च, 2008 को 10:39 GMT तक के समाचार
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हथियार डालने की समयसीमा बढ़ी
इराक़
कार्रवाई के दौरान कई विद्रोहियों ने हथियार डाले हैं
इराक़ के प्रधानमंत्री नूरी अल मलिकी ने बसरा में संघर्ष कर रहे शिया विद्रोहियों के लिए हथियार डालने की समयसीमा बढ़ा दी है. पहले शिया विद्रोहियों को शनिवार तक का समय दिया गया था.

लेकिन अब प्रधानमंत्री नूरी अल मलिकी ने समयसीमा 10 दिन और बढ़ा दी है. और अब विद्रोहियों को हथियार के बदले पैसे देने की भी पेशकश की गई है. ख़बरों के मुताबिक़ दक्षिणी इराक़ी शहर बसरा में क़रीब 120 लोग मारे गए हैं और 350 से ज़्यादा घायल हुए हैं.

प्रधानमंत्री मलिकी इस समय ख़ुद बसरा में हैं. बीबीसी संवाददाताओं का कहना है कि प्रधानमंत्री ने वादा किया है कि जब तक जीत नहीं हो जाती लड़ाई जारी रहेगी.

इस बीच इस मामले पर इराक़ी संसद की आपात बैठक भी होने वाली है. राजधानी बग़दाद में तो तीन दिन का कर्फ़्यू भी लगाया गया है.

बयान

बसरा में शिया विद्रोहियों के लिए समयसीमा बढ़ाए जाने के बारे में प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से एक बयान जारी किया गया है. बयान में कहा गया है- जिनके पास हथियार हैं, वे सुरक्षा ठिकानों पर जमा करा दें. इसके लिए उन्हें पैसे मिलेंगे. ये प्रक्रिया 28 मार्च से आठ अप्रैल तक चलेगी.

बयान में समयसीमा बढ़ाए जाने का कोई कारण नहीं दिया गया है. इससे पहले प्रधानमंत्री नूरी अल मलिकी ने कहा था कि जब तक ज़रूरी हुई विद्रोहियों के ख़िलाफ़ लड़ाई जारी रहेगी.

गुरुवार को इराक़ी टेलीविज़न पर दिए अपने संबोधन में नूरी अल मलिकी ने कहा था, "हमने इस लड़ाई के लिए अपना मन बना लिया है और हम इसे आख़िर तक जारी रखेंगे. इस मामले में पीछे हटने का सवाल ही नहीं उठता."

बसरा में चल रही कार्रवाई का निरीक्षण ख़ुद प्रधानमंत्री कर रहे हैं. इस कार्रवाई में 30 हज़ार सैनिक और पुलिसकर्मी शामिल हैं, जो शिया नेता मुक़्तदा अल सद्र की महदी सेना से लड़ रहे हैं.

बसरा के कई घनी आबादी वाले इलाक़े पर अभी भी महदी सेना का नियंत्रण है. गुरुवार देर रात मुक़्तदा अल सद्र ने भी मसले के राजनीतिक हल की मांग की थी.

उनके सहयोगी हाज़िम अल अराजी की ओर से जारी एक बयान में कहा गया कि मुक़्तदा अल सद्र राजनीतिक समाधान चाहते हैं और वे चाहते हैं कि इराक़ी लोगों का ख़ून बहना बंद हो.

लेकिन बीबीसी के साथ बातचीत में मुक़्तदा अल सद्र के एक सहयोगी ने बताया कि फ़िलहाल सरकार के साथ बातचीत की कोई संभावना नहीं है.

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