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मंगलवार, 25 मार्च, 2008 को 23:04 GMT तक के समाचार
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बसरा में भीषण संघर्ष जारी, 30 की मौत
इराक़ी प्रधानमंत्री नूर अल मलिकी
प्रधानमंत्री अल मलिकी ख़ुद इस अभियान का निरीक्षण कर रहे हैं
इराक़ी शहर बसरा में इराक़ सेना और शिया विद्रोही संगठन, मेहदी आर्मी के बीच भीषण संघर्ष चल रहा है.

दोनों ओर से हो रहे हमलों में अभी तक 30 लोगों की मौत हो चुकी है. इनमें से कुछ लोगों की मौत सड़कों पर हुए संघर्ष में हुई है जबकि अन्य लोग अंतरराष्ट्रीय सेना के हवाई हमलों के शिकार हुए हैं.

इराक़ सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा है कि जो भी सुरक्षा व्यवस्था को प्रभावित करेगा और उसकी अनदेखी करेगा, उसके ख़िलाफ़ कड़ी कार्रवाई की जाएगी.

हालांकि अधिकारी ने किसी भी समूह या संगठन पर सीधे तौर से अपना निशाना नहीं साधा और कहा कि किसी संगठन विशेष के लोगों को निशाना बनाकर यह अभियान नहीं चलाया जा रहा है.

उधर मेहदी आर्मी ने कहा है कि अगर उनको निशाना बनाकर हो रहे हमले बुधवार का दिन शुरू होने तक नहीं रोके जाते हैं तो वे एक नागरिक अवज्ञा अभियान छेड़ेंगे.

इराक़ के प्रधानमंत्री नूरी अल मलिकी ख़ुद इस सैनिक अभियान का निरीक्षण कर रहे हैं और बसरा में मौजूद हैं.

विवाद

ग़ौरतलब है कि शिया बाहुल्य क्षेत्र बसरा सुरक्षा की दृष्टि से पिछले कुछ बरसों से ख़ासा संवेदनशील इलाका रहा है.

इराक़ पर 2003 में अमरीकी नेतृत्व वाले विदेशी गठबंधन के हमले के बाद से बसरा में ब्रितानी सैनिक तैनात किए गए थे और उस इलाक़े की प्रमुख ज़िम्मेदारी उन्हीं पर रही थी.

हालांकि पिछले वर्ष के आखिर में ब्रितानी सरकार ने बसरा का नियंत्रण इराक़ी सुरक्षाबलों को सौंप दिया था.

तेल के बड़े भंडार वाले स्थान के तौर पर पहचाना जाने वाला बसरा सभी के लिए वर्चस्व और प्रभाव की दृष्टि से लाभप्रद भी है.

सुरक्षाबल
इराक़ी सुरक्षाबलों की कार्रवाई का मेहदी आर्मी ने विरोध किया है

इराक़ी प्रशासन ने इस दौरान महसूस किया है कि बसरा में सुरक्षा को तरजीह देने औऱ क़ानून व्यवस्था बहाली की दिशा में काम करने की ज़रूरत है.

मेहदी आर्मी इराक़ के शिया मुसलमानों की सेना है जो नज़फ़ और देश के अन्य शिया बहुल इलाक़ों की सुरक्षा करने का दावा करती है.

चरमपंथी शिया नेता मुक़्तदा अल सदर मेहदी आर्मी के सर्वोच्च कमांडर हैं.

हमला

बीबीसी के एडम ब्रूक्स के मुताबिक इराक़ी सेना की तीन ब्रिगेड बसरा के लिए बग़दाद से रवाना कर दी गई हैं और इस तरह लगभग 15,000 सुरक्षाबल इस अभियान में लग गए हैं.

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक़ बसरा में धमाकों की आवाज़ सुनी गई और धुएँ की लपटें देखी गई है.

उल्लेखनीय है कि ब्रितानी सेनाओं ने पिछले वर्ष दिसंबर में बसरा की सुरक्षा की जिम्मेदारी इराक़ को सौंप दी थी.

शहर के अस्पताल के अधिकारियों ने मंगलवार को बताया कि कई घायल लोगों को अस्पताल में दाख़िल कराया गया है.

अपने इस दौर पर मलिकी ने कहा था कि उनकी सरकार ने सुरक्षा, क़ानून और स्थायित्व को फिर से शहर में बहाल करने का फ़ैसला किया है.

हमलों से पहले ही रात के दौरान अनिश्चितकालीन कर्फ्यू घोषित किया जा चुका है जिसे बढ़ाकर आसपास के इलाकों में भी प्रभावी किया जा रहा है.

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