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इराक़ के शिया इलाक़ों में हिंसा फैली | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इराक़ी सुरक्षाबलों और शिया विद्रोही संगठन मेहदी आर्मी के बीच संघर्ष बसरा के अलावा देश के अन्य हिस्सों में फैल गया है. इराक़ के सद्र शहर में भी हिंसा भड़क उठी है. इस संघर्ष में अब तक 30 लोगों की मौत हो चुकी है. इनमें से कुछ लोगों की मौत सड़कों पर हुए संघर्ष में हुई जबकि अन्य लोग अंतरराष्ट्रीय सेना के हवाई हमलों के शिकार हुए हैं. इराक़ के प्रधानमंत्री नूरी अल मलिकी ख़ुद इस सैनिक अभियान का निरीक्षण कर रहे हैं और बसरा में मौजूद हैं. मलिकी ने कहा कि उनकी सरकार शहर में सुरक्षा, क़ानून और स्थायित्व को फिर से बहाल करेगी. इराक़ सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा है कि जो भी सुरक्षा व्यवस्था को प्रभावित करेगा और उसकी अनदेखी करेगा, उसके ख़िलाफ़ कड़ी कार्रवाई की जाएगी. हालांकि अधिकारी ने किसी संगठन का नाम तो नहीं लिया लेकिन कहा कि किसी संगठन विशेष के लोगों को निशाना बनाकर यह अभियान नहीं चलाया जा रहा है. उधर मेहदी आर्मी ने कहा है कि अगर उनको निशाना बनाकर हो रहे हमले बुधवार तक नहीं रोके जाते हैं तो वे नागरिक अवज्ञा अभियान छेड़ेंगे. संघर्ष बीबीसी संवाददाता का कहना है कि इस अभियान में लगभग 15 हज़ार सुरक्षाबल लगे हुए हैं.
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक़ बसरा में धमाकों की आवाज़ सुनी गईं और धुआँ उठता देखा गया. अस्पताल के अधिकारियों ने मंगलवार को बताया कि कई घायल लोगों को अस्पताल में दाख़िल कराया गया है. ग़ौरतलब है कि शिया बाहुल्य क्षेत्र बसरा सुरक्षा की दृष्टि से पिछले कुछ बरसों से ख़ासा संवेदनशील इलाका रहा है. इराक़ पर 2003 में अमरीकी नेतृत्व वाले गठबंधन के हमले के बाद से बसरा में ब्रितानी सैनिक तैनात किए गए थे और उस इलाक़े की ज़िम्मेदारी उन्हीं पर थी. हालांकि पिछले वर्ष के अंत में ब्रितानी सरकार ने बसरा का नियंत्रण इराक़ी सुरक्षाबलों को सौंप दिया था. तेल के बड़े भंडार वाले स्थान के तौर पर जाने जानेवाला बसरा वर्चस्व और प्रभाव की दृष्टि से महत्वपूर्ण है. उल्लेखनीय है कि मेहदी आर्मी इराक़ में शिया विद्रोही शामिल हैं जो नज़फ़ और देश के अन्य शिया बहुल इलाक़ों की सुरक्षा करने का दावा करती है. चरमपंथी शिया नेता मुक़्तदा अल सदर मेहदी आर्मी के सर्वोच्च कमांडर हैं. |
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