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शनिवार, 05 जनवरी, 2008 को 12:22 GMT तक के समाचार
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चमत्कार को नमस्कार है.....
मैनहट्टन की वह इमारत जिससे मोरेनो गिरा
खिड़कियाँ साफ करने के दौरान आधार प्लेटफ़ार्म ढीला होने के बाद मोरेनो गिर गए थे
एक कहावत है---जाको राखे साईयाँ, मार सके ना कोए. कभी-कभी ये कहावत भी सच हो जाती है.

क्या आप कभी सोच सकते हैं कि कोई व्यक्ति किसी इमारत की 47वीं मंज़िल से गिरकर बच सकता है...नहीं ना.

लेकिन ऐसा चमत्कार हुआ है अमरीका में. न्यूयॉर्क में एक इमारत की 47वीं मंज़िल से गिरे सफ़ाई कर्मचारी की हालत में सुधार से चकित डॉक्टरों ने कहा यह 'चमत्कार' की तरह है.

खिड़कियाँ साफ़ करने वाले 37 वर्षीय एल्सिडेस मोरेनो पिछले महीने क़रीब 500 फ़ीट की ऊँचाई से ज़मीन पर गिर गए थे. इस हादसे में मोरेनो के भाई की मौत हो गई थी.

मोरेनो की ज़ान तो बच गई थी लेकिन उनके सिर, पीठ और पेट में गंभीर चोट आई थी. उनके दोनों पैर, दाहिना हाथ और पसलियाँ टूट गई थीं.

न्यूयॉर्क के प्रेसबीटेरियन अस्पताल में कई ऑपरेशन के बाद अब वे होश में लौट आए हैं और बातचीत कर पा रहे हैं. उम्मीद की जा रही है कि वे दोबार चल-फिर सकेंगे.

अस्पताल के सर्जन डॉ फिलिप बेरी ने न्यूयॉर्क टाइम्स अख़बार से कहा, "अगर आप चमत्कार में भरोसा करते हैं तो यह मामला भी वैसा ही है."

वे बताते हैं, "10वीं मंज़िल के ऊपर की मंज़िलों से गिरने वाले ज़्यादातर लोगों को हम नहीं देख पाते हैं क्योंकि वे सीधे मुर्दाघर जाते हैं."

बेरी का मानना है कि यह उन कहानियों के जैसी है जिसमें हवाई जहाज़ से लोगों के गिरने और बच जाने की बातें होती हैं.

'... क्या किया मैंने?'

काम की तलाश में इक्वाडोर से अमरीका आए मोरेनो के साथ यह हादसा सात दिसंबर को हुआ जब वे मैनहट्टन की एक गगनचुंबी इमारत की खिड़कियाँ साफ़ कर रहे थे.

काम के दौरान सहारा देने वाला प्लेटफ़ॉर्म ढीला हो गया और अपने छोटे भाई से साथ वे नीचे गिर गए. भाई की तो मौक़े पर ही मौत हो गई थी. लेकिन वे बच गए. दुर्घटना के कारणों की जाँच चल रही है.

संयोग से होता है ऐसा...
 10वीं मंज़िल के ऊपर की मंज़िलों से गिरने वाले ज़्यादातर लोगों को हम नहीं देख पाते हैं क्योंकि वे सीधे मुर्दाघर जाते हैं. यह उन कहानियों जैसी है जिसमें हवाई जहाज़ से लोगों के गिरने और बच जाने की बातें होती हैं
डॉ फिलिप बेरी, सर्जन

दुर्घटना के तुरंत बाद मोरेनो को ख़ून की 24 बोतलें और कई यूनिट रक्तकण चढ़ाने पड़े. शरीर के टूटे हिस्सों को जोड़ने के लिए एक के बाद एक कुल नौ ऑपरेशन किए गए.

डॉक्टरों का कहना है कि अब उनके शरीर के तमाम अंग काम कर रहे हैं और वे बात कर सकते हैं.

मोरेनो की पत्नी रोज़ेरियो बताती हैं कि एक दिन मोरेनो ने एक नर्स के चेहरे पर हाथ भी फेरा.

न्यूयॉर्क टाइम्स से रोज़ेरियो ने कहा, "मैंने उन्हें देखा और कहा कि आप ऐसा नहीं कर सकते हैं. मैं आपकी पत्नी हूँ, अपनी पत्नी को छुओ." ज़वाब में मोरेनो ने रोज़ेरियो से कहा, "मैंने क्या किया?"

डॉ बेरी ने कहा कि हालाँकि अभी बहुत कुछ करना बाक़ी है लेकिन उम्मीद है कि वे बच जाएँगे.

आने वाले हफ़्तों में मोरेनो को कई ऑपरेशनों से गुजरना है. उनका इलाज़ कर रही डॉक्टरों की टीम का मानना है कि उनकी हालत बिगड़ने का ख़तरा बना हुआ है.

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