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'कीनिया में गंभीर मानवीय संकट' | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
संयुक्त राष्ट्र के अधिकारियों का कहना है कि कीनिया में मानवीय आपदा की स्थिति पैदा हो गई है. पिछले हफ़्ते हुए विवादास्पद राष्ट्रपति चुनाव के बाद भड़की हिंसा में तीन सौ से ज़्यादा लोग मारे गए और लगभग एक लाख 80 हज़ार लोग बेघर हो गए हैं. सहायता एजेंसियों का कहना है कि वो इन लोगों को शरण और भोजन मुहैया कराने में असमर्थ हैं. कीनिया में संयुक्त राष्ट्र के अधिकारी एलिज़ाबेथ लवांगा ने बीबीसी को बताया कि कीनिया के हालात से दूसरे अफ़्रीकी देश भी प्रभावित हो रहे हैं. हिंसा के कारण सोमालिया, दक्षिणी सूडान और कॉंगो में भी राहत सामग्री नहीं पहुँच पा रही है. कीनिया के एलडोरेट शहर में हज़ारों लोगों ने एक चर्च में पनाह ली है. इसी शहर में तीस लोगों को ज़िंदा जला दिया गया था. कूटनयिक प्रयास इस बीच राजनीतिक अस्थिरता को ख़त्म करने के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने कूटनीतिक प्रयास तेज कर दिए हैं. अमरीकी दूत जेनदाई फ़्रेज़र कीनिया की राजधानी नैरोबी पहुँच गए हैं. वो राष्ट्रपति मवाई किबाकी और राष्ट्रपति चुनाव में पराजित विपक्षी नेता राइला ओडिंगा से मुलाक़ात करेंगे. अमरीका का कहना है कि वो चाहता है कि दोनों नेता आपस में मिलकर कोई राजनीतिक समाधान निकालें. कीनियाई सरकार का कहना है कि राष्ट्रपति किबाकी दोबारा चुनाव कराने के ख़िलाफ़ नहीं हैं, बशर्ते अदालत ऐसा आदेश दे. इससे पहले ओडिंगा ने अंतरराष्ट्रीय निगरानी दोबारा राष्ट्रपति चुनाव कराए जाने की माँग की थी. | इससे जुड़ी ख़बरें चुनावी नतीजे की स्वतंत्र जाँच की मांग03 जनवरी, 2008 | पहला पन्ना कीनिया पर अंतरराष्ट्रीय दबाव बढ़ा02 जनवरी, 2008 | पहला पन्ना 'कीनिया में भारतीय सुरक्षित हैं'02 जनवरी, 2008 | पहला पन्ना कीनिया में 30 लोगों को ज़िंदा जलाया गया01 जनवरी, 2008 | पहला पन्ना कीनिया में हिंसा, 43 की मौत31 दिसंबर, 2007 | पहला पन्ना दुर्घटनाग्रस्त विमान में सभी 'मारे गए'07 मई, 2007 | पहला पन्ना विमान का मलबा दिखा पर खोज जारी06 मई, 2007 | पहला पन्ना विमान की तलाशी का काम फिर शुरू05 मई, 2007 | पहला पन्ना इंटरनेट लिंक्स बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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