BBCHindi.com
अँग्रेज़ी- दक्षिण एशिया
उर्दू
बंगाली
नेपाली
तमिल
गुरुवार, 03 जनवरी, 2008 को 09:44 GMT तक के समाचार
मित्र को भेजेंकहानी छापें
चुनावी नतीजे की स्वतंत्र जाँच की मांग
कीनिया
पुलिस ने प्रदर्शनकारियों के ख़िलाफ़ बल प्रयोग किया है
कीनिया के अटॉर्नी जनरल एमोस वाको ने विवादित राष्ट्रपति चुनाव के नतीजे की स्वतंत्र जाँच कराने की मांग की है.

कीनिया के टेलीविज़न पर दिए अपने बयान में उन्होंने कहा कि तुरंत ही प्रमाणपत्रों की दोबारा गिनती शुरू की जानी चाहिए.

इससे पहले कीनिया में मुख्य विपक्षी पार्टी के अधिकारियों ने राजधानी नैरोबी में अपनी प्रस्तावित रैली वापस ले ली.

राइला ओडिंगा के नेतृत्व वाली विपक्षी पार्टी मवाई किबाकी के राष्ट्रपति चुने जाने का विरोध कर रही है.

ओडिंगा की पार्टी ऑरेंज डेमोक्रेटिक मूवमेंट के एक प्रवक्ता ने कहा है कि वे अब और लोगों की जान जाते नहीं देखना चाहते. विरोध प्रदर्शनों में अभी तक 300 से ज़्यादा लोगों की मौत हो चुकी है.

कीनिया की सरकार ने विपक्ष की रैली पर प्रतिबंध लगा रखा था लेकिन सुबह से ही बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा होना शुरू हो गए थे. पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर आँसू गैस के गोले छोड़े.

कीनिया के विपक्षी नेता राइला ओडिंगा ने अपील की थी कि विरोध प्रदर्शन के लिए 10 लाख लोग नैरोबी के उहूरू पार्क में इकट्ठा हों.

ओडिंगा ने बीबीसी से बातचीत में कहा कि गुरुवार की रैली कीनिया के लिए बहुत निर्णायक साबित होने वाली है. ओडिंगा की पार्टी का कहना है कि 27 दिसंबर को हुए राष्ट्रपति चुनाव में धांधली की गई. उन्होंने राष्ट्रपति किबाकी के साथ किसी भी तरह की बातचीत से इनकार किया है.

कार्रवाई

सुरक्षाकर्मियों ने उहूरू पार्क को घेर रखा है ताकि प्रदर्शनकारियों को वहाँ आने ना दिया जाए. गुरुवार सुबह से ही बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी नैरोबी में इकट्ठा होना शुरू हो गए थे.

निर्णायक समय
 यह देश के लिए निर्णायक समय है. क्योंकि इस देश के लोग झुकना नहीं चाहते. लोग चाहते हैं कि देश में लोकतांत्रिक व्यवस्था मज़बूत हो
राइला ओडिंगा, विपक्षी नेता

पुलिस ने शहर में कई जगह अवरोध लगा रखे हैं ताकि प्रदर्शनकारियों को रोका जा सके. नैरोबी से बीबीसी संवाददाता का कहना है कि यह असंभव लगता है कि क़रीब 10 लाख लोग किसी भी रैली में शामिल हो सके.

अभी तक किबाकी के राष्ट्रपति चुने जाने के विरोध में हुई हिंसा में 300 से ज़्यादा लोग मारे जा चुके हैं.

क़रीब 70 हज़ार लोग अपना घर-बार छोड़कर सुरक्षित स्थान की ओर रवाना हो गए हैं. विपक्षी नेता राइला ओडिंगा ने वादा किया था कि वे रैली के माध्यम से शांतिपूर्ण संदेश देना चाहते हैं.

'निर्णायक समय'

उन्होंने कहा, "यह देश के लिए निर्णायक समय है. क्योंकि इस देश के लोग झुकना नहीं चाहते. लोग चाहते हैं कि देश में लोकतांत्रिक व्यवस्था मज़बूत हो."

हिंसा में 300 से ज़्यादा लोग मारे जा चुके हैं

लेकिन उप राष्ट्रपति मूडी अवोरी ने ओडिंगा से अपील की है कि वे हार स्वीकार कर लें और प्रदर्शन को वापस ले लें. राष्ट्रपति किबाकी ने बुधवार को संसद के लिए चुने गए सभी नए सदस्यों से एक आपात बैठक में शामिल होने की अपील की थी.

लेकिन ओडिंगा की पार्टी ने ना सिर्फ़ इस बैठक का बहिष्कार किया, बल्कि ओडिंगा ने अलग से एक संवाददाता सम्मेलन बुलाया और किबाकी से अपना पद छोड़ने की मांग की.

अफ़्रीकी यूनियन के अध्यक्ष और घाना के राष्ट्रपति जॉन कुफ़ोर के नैरोबी आने की संभावना थी लेकिन कीनिया के वित्त मंत्री ने कह दिया कि इस मामले में किसी अंतरराष्ट्रीय दखल की आवश्यकता नहीं. इसलिए अब कम ही उम्मीद बची है कि वे नैरोबी आए.

इस बीच कीनिया में चुनाव आयोग के प्रमुख सैमुएल किवुतू ने कहा है कि जब तक वे मूल रिकॉर्ड नहीं देख लेते, वे निश्चित रूप से नहीं कह सकते कि किबाकी ने निष्पक्ष रूप से चुनाव जीता है.

इससे जुड़ी ख़बरें
कीनिया में हिंसा, 43 की मौत
31 दिसंबर, 2007 | पहला पन्ना
इंटरनेट लिंक्स
बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.
सुर्ख़ियो में
मित्र को भेजेंकहानी छापें
मौसम|हम कौन हैं|हमारा पता|गोपनीयता|मदद चाहिए
BBC Copyright Logo^^ वापस ऊपर चलें
पहला पन्ना|भारत और पड़ोस|खेल की दुनिया|मनोरंजन एक्सप्रेस|आपकी राय|कुछ और जानिए
BBC News >> | BBC Sport >> | BBC Weather >> | BBC World Service >> | BBC Languages >>