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'बच्चों के लिए बहुत कुछ करना बाकी' | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
दुनिया भर में बच्चों के स्वास्थ्य से जुड़ी संयुक्त राष्ट्र की एक नई रिपोर्ट में कहा गया है कि मलेरिया और खसरा के मामलों में कमी आई है लेकिन अभी भी कई बच्चों को पूरा भोजन तक नसीब नहीं हो रहा है. यूनीसेफ की इस रिपोर्ट के अनुसार अभी भी दुनिया में पांच साल से कम उम्र के एक करोड़ 40 लाख बच्चे ऐसे हैं जिन्हें पर्याप्त भोजन भी नहीं मिल रहा है. इसमें कहा गया है कि दुनिया को अभी भी बच्चों के स्वास्थ्य की दिशा में बहुत कुछ करना है. रिपोर्ट के अनुसार सात वर्ष पहले जो सहस्राब्दि लक्ष्य तय किए गए थे उन्हें पूरा करने के लिए अभी भी बहुत कुछ करने की आवश्यकता है. यूनीसेफ की यह रिपोर्ट ऐसे समय में आई है जब संयुक्त राष्ट्र की एक महत्वपूर्ण बैठक ' द वर्ल्ड फिट फॉर चिल्ड्रेन' पर हो रही है. इस बैठक में यह देखा जाएगा कि बच्चों के स्वास्थ्य और अन्य विषयों से जुड़े मुद्दों के लिए जो लक्ष्य तय किए गए थे उनमें से कितने पूरे हुए हैं. रिपोर्ट के अनुसार 1960 के बाद पांच साल से कम उम्र के बच्चों की मौतों की संख्या में अब साठ प्रतिशत की कमी आई है. पिछले साल यह संख्या बहुत कम हुई थी जिसके कारण ये कहा जा रहा है कि बच्चों के स्वास्थ्य की दिशा में बेहतर काम हो रहा है. रिपोर्ट में बच्चों के स्वास्थ्य के अलावा, एचआईवी एड्स के मामले, प्राथमिक शिक्षा, हिंसा इत्यादि को ध्यान में रखा गया है. | इससे जुड़ी ख़बरें इराक़ के बच्चों को लेकर चिंता18 मई, 2003 | पहला पन्ना बच्चों के यौन शोषण पर चेतावनी29 सितंबर, 2004 | भारत और पड़ोस यूनीसेफ़ ने बाल श्रमिकों पर चिंता जताई21 फ़रवरी, 2005 | पहला पन्ना 'भूकंप में 17 हज़ार बच्चों की मौत'31 अक्तूबर, 2005 | भारत और पड़ोस श्रीलंका में हवाई हमलों को लेकर विवाद15 अगस्त, 2006 | भारत और पड़ोस श्रीलंका के जाफ़ना में भीषण लड़ाई16 अगस्त, 2006 | भारत और पड़ोस बच्चों के चौतरफ़ा विकास में खाई14 फ़रवरी, 2007 | पहला पन्ना एक बहादुर लड़की की दर्द भरी दास्तान02 नवंबर, 2007 | मनोरंजन एक्सप्रेस | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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