BBCHindi.com
अँग्रेज़ी- दक्षिण एशिया
उर्दू
बंगाली
नेपाली
तमिल
बुधवार, 14 फ़रवरी, 2007 को 17:23 GMT तक के समाचार
मित्र को भेजेंकहानी छापें
बच्चों के चौतरफ़ा विकास में खाई
विकसित देशों के बच्चे
ब्रिटेन में बच्चों के चौतरफ़ा विकास की हालत बहुत ख़राब बताई गई है
संयुक्त राष्ट्र बाल कोष यानी युनीसेफ़ ने 21 विकसित देशों में बच्चों और किशोरों की शैक्षिक और भावनात्मक स्थिति के साथ-साथ चौतरफ़ा विकास के बारे में पहली बार अध्ययन किया है और इस मामले में ब्रिटेन और अमरीका इन 21 देशों की सूची में सबसे नीचे आए हैं.

युनीसेफ़ ने इन 21 विकसित देशों में बच्चों के विकास और स्थिति से संबंधित छह श्रेणियों में अध्ययन किया जिसके आधार पर तैयार की गई रिपोर्ट में कहा गया है कि ब्रिटेन और अमरीका में बच्चों के चौतरफ़ा विकास और स्वास्थ्य के हालात बहुत चिंताजनक हैं.

इस रिपोर्ट में कहा गया है कि विभिन्न देशों में सकल घरेलू उत्पाद और बच्चों के चौतरफ़ा विकास के बीच कोई तालमेल नज़र नहीं आया. ब्रिटेन की स्थिति सबसे ख़राब पाई गई है.

बच्चों और किशोरों के बर्ताव और ख़राब आदतों पर किए गए अध्ययन में पता चला है कि ब्रिटेन में लगभग 35 प्रतिशत बच्चों ने कहा कि वे कुछ नशीले पदार्थ ले चुके हैं जबकि ग्रीस में इस तरह के बच्चों की संख्या सिर्फ़ पाँच प्रतिशत पाई गई.

ब्रिटेन में 15 साल की उम्र वाले क़रीब 40 प्रतिशत लड़के-लड़कियों ने कहा कि वे यौन संबंध बना चुके हैं, जबकि अमरीका और रूस में किशोरावस्था में गर्भ धारण करने के अनेक मामले हो रहे हैं.

नीदरलैंड

बच्चों के चौतरफ़ा विकास की दृष्टि से नीदरलैंड को पहला स्थान मिला है जिसका मतलब है कि नीदरलैंड में बच्चों का भावनात्मक, शैक्षिक, सामाजिक और सभी तरह का विकास अच्छे हालात में होता है.

नीदरलैंड में बच्चे और किशोर यह कहते हुए पाए गए कि अन्य देशों में अपनी उम्र के बच्चों और किशोरों के मुक़ाबले आमतौर पर अच्छे हालात में हैं.

एक बच्चा
ब्रिटेन और अमरीका में बच्चों के हालात बहुत ख़राब बताए गए हैं

नीदरलैंड ऐसे दस देशों की सूची में सबसे ऊपर आया जहाँ बच्चों और किशोरों के चौतरफ़ा विकास और स्थिति के बारे में हालात कुल मिलाकर काफ़ी बेहतर पाए गए.

भौतिक संदर्भ में बात करें तो नीदरलैंड के बच्चे इस बात पर प्रसन्न हैं कि वहाँ पिछले कई वर्षों की मंदी के बाद अब आर्थिक हालात बेहतर हो रहे हैं.

नीदरलैंड की शिक्षा मंत्री मारिया वाँ डी हुवेन ने सेकंडरी स्कूलों को हाल ही में चेतावनी जारी की थी कि वे ख़ुद को सुधारें, शिक्षा का स्तर बढ़ाएं लेकिन डच बच्चों का कहना है कि वे अपने देश में शिक्षा के स्तर को लेकर ख़ुश हैं.

नीदरलैंड में बच्चों का कहना है कि वहाँ की शैक्षिक व्यवस्था में सभी बच्चों को समान अवसर उपलब्ध हैं जो अन्य देशों की कुछ चयनात्मक प्रणाली के मुक़ाबले कहीं बेहतर हैं.

नीदरलैंड के बच्चे स्वास्थ्य सेवाओं के बारे में सुरक्षित महसूस करते हैं और सार्वजनिक परिवहन सेवाओं और अपराधों पर नियंत्रण जैसी बुनियादी सेवाओं को लेकर भी वे आश्वस्त नज़र आते हैं.

लेकिन नीदरलैंड के बच्चे और किशोरों से बातचीत करके यह भी पता चला कि वे तब ज़्यादा ख़ुश होते हैं जब वे अपने घर में या दोस्तों के साथ होते हैं.

उनका मानना है कि वे अपनी समस्याओं के बारे में अपने माता-पिता और शिक्षकों के साथ ज़्यादा खुलकर बातचीत कर सकते हैं इसलिए किशोरावस्था में अन्य देशों के बच्चों और युवाओं के मुक़ाबले कम दबाव में बड़े होते हैं.

इससे जुड़ी ख़बरें
गणतंत्र दिवस की मिठाई से 92 बीमार
26 जनवरी, 2007 | भारत और पड़ोस
भारत में बाल कुपोषण अभियान 'विफल'
17 जनवरी, 2007 | भारत और पड़ोस
इंटरनेट लिंक्स
बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.
सुर्ख़ियो में
मित्र को भेजेंकहानी छापें
मौसम|हम कौन हैं|हमारा पता|गोपनीयता|मदद चाहिए
BBC Copyright Logo^^ वापस ऊपर चलें
पहला पन्ना|भारत और पड़ोस|खेल की दुनिया|मनोरंजन एक्सप्रेस|आपकी राय|कुछ और जानिए
BBC News >> | BBC Sport >> | BBC Weather >> | BBC World Service >> | BBC Languages >>