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'भूकंप में 17 हज़ार बच्चों की मौत' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
यूनीसेफ़ ने कहा है कि अक्तूबर में दक्षिण एशिया में आए भूकंप में कम से कम 17000 हज़ार बच्चे मारे गए हैं. भूकंप में कई स्कूलों की इमारतें धवस्त हो गई थीं. इन्हीं में दब कर बच्चों की मौत हुई. यूनीसेफ़ ने कहा है कि जो बच्चे बच गए हैं वो या तो घायल हैं या फिर अपने दोस्तों और शिक्षकों के मारे जाने से सदमे में हैं. यूनीसेफ़ ने आगाह किया कि अगर स्वास्थ्य और साफ़ पानी जैसी सुविधाएँ नहीं दी गईं तो और बच्चों की मौत हो सकती है. यूनीसेफ़ ने बताया कि पाकिस्तान सरकार के अनुमान के मुताबिक़ उत्तर-पश्चिम सीमा प्रांत में 6700 स्कूल तबाह हो गए जबकि पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर में 1300 स्कूल. यूनीसेफ़ की कार्यकारी निदेशक ऐन वेनेमैन ने कहा कि भूकंप के बाद जिंदा बचे बच्चों की स्थिति उन बच्चों से भी बदतर हो सकती है जो पिछले साल सूनामी में बच गए थे. कार्यकारी निदेशक ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से और सहायता की अपील की है. संयुक्त राष्ट्र ने 55 करोड़ डॉलर की मदद माँगी थी लेकिन अब तक 32 करोड़ डॉलर की मदद मिली है. संयुक्त राष्ट्र इस कोशिश में लगा हुआ है कि सर्दी शुरू होने से पहले भूकंप प्रभावितों तक मदद पहुँच जाए. सोमवार को पाकिस्तान के राष्ट्रपति मुशरर्फ़ ने कहा कि नवंबर के अंत तक 5 लाख टेंटों का इंतज़ाम कर दिया जाएगा. पाकिस्तान ने कहा है कि उसने नियंत्रण रेखा पर दो राहत शिविर भी बनाए हैं. | इससे जुड़ी ख़बरें राहत कार्यों पर पैसे की कमी की मार28 अक्तूबर, 2005 | भारत और पड़ोस राहत कार्यों पर पैसे की कमी की मार28 अक्तूबर, 2005 | भारत और पड़ोस भारत ढाई करोड़ डॉलर की सहायता देगा27 अक्तूबर, 2005 | भारत और पड़ोस कई दिन बाद, दो बच्चे जीवित पाए गए14 अक्तूबर, 2005 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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