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ईरान पर और प्रतिबंध की तैयारी | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
ईरान के विवादास्पद परमाणु कार्यक्रम पर नज़र रखे हुए छह देश उसके ख़िलाफ़ और प्रतिबंध लगाने के लिए नए प्रस्ताव की तैयारी कर रहे हैं. इनमें संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के पाँच स्थाई सदस्य के साथ जर्मनी है और इन देशों के प्रतिनिधियों ने पेरिस में एक बैठक की है. फ़्रांसीसी अधिकारियों का कहना है कि सभी देशों के बीच नए प्रस्ताव पर चर्चा के लिए सहमति बन गई है. हालांकि अभी रूस और चीन को इस बात के लिए मनाना बचा हुआ है कि वे ईरान के ख़िलाफ़ और प्रतिबंध के प्रस्ताव को अपना पूरा समर्थन दें. पश्चिमी देशों को लगता है कि ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम के तहत परमाणु बम बनाने में लगा हुआ है जबकि ईरान का कहना है कि उसका परमाणु कार्यक्रम शांतिपूर्ण कार्यों के लिए है. परमाणु कार्यक्रम को लेकर ईरान और यूरोपीय संघ के बीच हुई बातचीत का कोई सकारात्मक हल नहीं निकल सका है. 'निराशाजनक' सितंबर में सुरक्षा परिषद के सदस्यों के बीच इस बात को लेकर सहमति बनी थी कि ईरान के ख़िलाफ़ आगे कोई क़दम उठाने से पहले अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) की रिपोर्ट और यूरोपीय संघ की मध्यस्थता की कोशिशों का इंतज़ार किया जाए.
आईएईए की रिपोर्ट मिलीजुली सी रही है. उसका कहना था कि ईरान सहयोग तो कर रहा है लेकिन यह सहयोग के लिए ख़ुद आगे नहीं आ रहा है. और शुक्रवार को यूरोपीय संघ के राजनयिक जैवियर सोलाना ने कह दिया है कि ईरानी अधिकारियों के साथ उनकी बातचीत निराशाजनक रही है. अब पेरिस में अमरीका और यूरोपीय देश रूस और चीन से अनुरोध करने जा रहे हैं कि वे ईरान के ख़िलाफ़ प्रतिबंध लगाने के लिए तीसरे प्रस्ताव को पूरा समर्थन दें. अभी इस बारे में कोई अंतिम फ़ैसला नहीं हुआ है. लेकिन फ़्रासीसी राजनयिकों का कहना है कि प्रस्ताव पर चर्चा के लिए सहमति बन गई है और अगले हफ़्ते तक नए प्रस्ताव का मसौदा सदस्यों के बीच वितरित कर दिया जाएगा. 'ईरान का दोष नहीं' उधर परमाणु कार्यक्रम पर ईरान के प्रमुख वार्ताकार सईद जलीली ने कहा है कि यूरोपीय संघ के साथ बातचीत की विफलता का दोष ईरान को नहीं देना चाहिए. ब्रिटेन से लौटकर तेहरान हवाईअड्डे पर उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद थी कि जैवियर सोलाना ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर कोई सकारात्मक रिपोर्ट पेश करेंगे. संयुक्त राष्ट्र ने दिसंबर 2006 में ईरान पर पहली बार प्रतिबंध लगाया था. इसमें सभी देशों से कहा गया था कि वे ईरान को ऐसी कोई सामग्री या तकनीक न दें जिसका उपयोग वह परमाणु हथियार बनाने में कर सके. इसके बाद मार्च में संयुक्त राष्ट्र ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम को रोकने के लिए और कड़े क़दम उठाए थे. बीबीसी के संवाददाता जोनाथन मार्कस का कहना है कि वह समय नज़दीक आ रहा है जब ईरान के मामले का सच सामने आ जाएगा. | इससे जुड़ी ख़बरें यूरोपीय संघ और ईरान में बातचीत30 नवंबर, 2007 | पहला पन्ना ईरान ने 'डिज़ाइन' की प्रति आईएईए को दी14 नवंबर, 2007 | पहला पन्ना ईरान के ख़िलाफ़ नए आर्थिक प्रतिबंध25 अक्तूबर, 2007 | पहला पन्ना अली लारीजानी ने इस्तीफ़ा दिया20 अक्तूबर, 2007 | पहला पन्ना पुतिन ने अहमदीनेजाद से मुलाक़ात की16 अक्तूबर, 2007 | पहला पन्ना ईरान पर प्रतिबंधों के प्रस्ताव पर सहमति14 मार्च, 2007 | पहला पन्ना 'ईरान की अर्थव्यवस्था पर असर पड़ेगा'26 फ़रवरी, 2007 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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