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इराक़ को बाँटने के प्रस्ताव को ठुकराया | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इराक़ के शिया और सुन्नी राजनीतिक दलों ने अमरीकी सीनेट के देश को तीन स्वायत्तशासी क्षेत्रों में बांटने के प्रस्ताव को ठुकरा दिया है. ये क्षेत्र धार्मिक और जातीय आधार पर बांटे जाने का प्रस्ताव है और इसके बाद इराक़ी सरकार की सीमित सत्ता रह जाएगी. लेकिन शिया और सुन्नी राजनीतिज्ञों ने इसकी कड़ी आलोचना की है. उनका कहना है कि इससे इराक़ की स्वायत्तता और स्थायित्व पर संकट उत्पन्न हो जाएगा. अमरीकी सीनेट में हुए इस मतदान ने एक बार फिर संकेत दिया कि किस तरह वॉशिंगटन में बैठे अमरीकी राजनेता झुंझलाए हुए हैं. उनमें झुंझलाहट है कि इराक़ का राजनीतिक गतिरोध समाप्त करने में इराक़ी नेता विफल रहे हैं. प्रस्ताव ठुकराया ये प्रस्ताव एक बड़े बहुमत से पारित हुआ और उसमें इराक़ को तीन संघीय क्षेत्रों में बाँटने पर सहमति हुई है. इस तरह इराक़ की केंद्रीय सरकार के पास काफ़ी सीमित शक्तियाँ बच जाएँगी. मगर इसके बाद एक संवाददाता सम्मेलन में शिया और सुन्नी राजनेता एक बार को साथ नज़र आए. उन्होंने इस प्रस्ताव की कड़ी आलोचना कहते हुए इसे उनके घरेलू मामलों में विदेश से 'अस्वीकार्य हस्तक्षेप' बताया. इन नेताओं का कहना था कि ये प्रस्ताव इराक़ की संप्रभुता पर चोट करने वाला होगा और इससे देश में स्थायित्व के लिए ख़तरा उत्पन्न हो जाएगा. वैसे कुर्द प्रतिनिधियों ने इस प्रस्ताव का समर्थन किया है. वैसे भी कुर्दों के पास उत्तरी इराक़ में काफ़ी स्वायत्तता है और उनकी अलग संसद भी है. सीनेट में पारित ये प्रस्ताव बाध्यकारी नहीं है यानी इसे मानने की कोई मजबूरी नहीं है. अमरीकी विदेश मंत्री कोंडोलीज़ा राइस का कहना है कि इराक़ के भविष्य का फ़ैसला इराक़ी जनता ही करेगी. बीबीसी संवाददाता का कहना है कि अमरीकी राजनेताओं के इस हस्तक्षेप से इराक़ में काफ़ी लोग अमरीका से नाराज़ हुए हैं. | इससे जुड़ी ख़बरें इराक़ में धमाकों में 50 मारे गए26 सितंबर, 2007 | पहला पन्ना इराक़ में भूमिका बढ़ाएगा संयुक्त राष्ट्र23 सितंबर, 2007 | पहला पन्ना इराक़ में भ्रष्टाचार को लेकर चिंता21 सितंबर, 2007 | पहला पन्ना अमरीकी सुरक्षा कंपनी पर प्रतिबंध17 सितंबर, 2007 | पहला पन्ना इराक़ में हमले, 85 लोगों की मौत16 जुलाई, 2007 | पहला पन्ना बसरा से ब्रितानी सैनिकों की वापसी03 सितंबर, 2007 | पहला पन्ना 'सैन्य मौजूदगी बढ़ाना विफल क़दम'10 सितंबर, 2007 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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