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मिसाइल लांचर के बदले डिज़ाइनर जूते! | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अगर एक आम आदमी के पास ज़मीन से हवा में मार करने वाली ऐसी मिसाइल मिल जाए, जिससे विमानों को निशाना बनाया जा सकता है, तो अमरीका जैसे देश में पुलिस अधिकारियों की क्या हालत होगी- इसका अंदाज़ा लगाया जा सकता है. ओरलैंडो में पुलिस ने एक स्कीम शुरू की थी, जिसके तहत आम नागरिकों से अपने हथियार जमा करने की अपील की गई थी. इस स्कीम के तहत पुलिस को आम नागरिकों से हथियारों के बारे में कोई सवाल भी नहीं पूछना था. साथ ही हथियार जमा करने वाले लोगों को डिज़ाइनर जूते या फिर 50 डॉलर की राशि भी मिल रही थी. लेकिन हद तो उस समय हो गई जब ज़मीन से हवा में मार करने वाली मिसाइल लेकर पहुँच गया. ओरलैंडो सेन्टिनल अख़बार के मुताबिक़ इस अनाम व्यक्ति ने इस मिसाइल लांचर के बदले अपनी बेटी के लिए डिज़ाइनर जूते लिए. कोशिश उस व्यक्ति ने अख़बार ने बताया कि चार फ़ीट का मिसाइल लांचर उसे पिछले हफ़्ते एक छप्पर के नीचे से मिला था. इस अनाम व्यक्ति ने यह भी बताया कि उसने इस मिसाइल लांचर को ठिकाने लगाने की बहुत कोशिश की लेकिन वह सफल नहीं हो पाया. इस व्यक्ति ने इस मिसाइल लांचर को कबाड़ में बेचने की भी कोशिश की. लेकिन लोगों ने उन्हें भगा दिया. उन्होंने बताया, "मुझे नहीं पता चल पा रहा था कि इसका क्या करना है. इसलिए मैं इसे यहाँ लेकर आया." इस स्कीम के तहत एक मिसाइल लांचर के अलावा ओरलैंडो पुलिस के पास 310 बंदूकें भी जमा कराई गई हैं. इस मिसाइल लांचर को देखने के बाद पुलिस की प्रवक्ता सार्जेंट बारबारा जोन्स ने बताया कि उन्हें नहीं पता कि स्कीम के तहत आम आदमी के पास से मिसाइल लांचर भी मिल जाएगा. | इससे जुड़ी ख़बरें कोलकाता में 543 बारूदी सुरंगें मिलीं13 अक्तूबर, 2006 | भारत और पड़ोस अवैध हथियारों का ढेर और मुंगेर14 दिसंबर, 2006 | भारत और पड़ोस हथियारों से लदा जहाज़ पकड़ा गया14 फ़रवरी, 2007 | भारत और पड़ोस 'इराक़ से बड़ी संख्या में हथियार ग़ायब'06 अगस्त, 2007 | पहला पन्ना सऊदी अरब के राजकुमार को 'दलाली'07 जून, 2007 | पहला पन्ना पाकिस्तान ने तस्करी के आरोप नकारे26 मई, 2007 | भारत और पड़ोस हथियार बेचने की कोशिश, चार गिरफ़्तार31 जुलाई, 2006 | भारत और पड़ोस कारतूस से अटा पड़ा है बग़दाद का बाज़ार15 जून, 2006 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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