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हथियार बेचने की कोशिश, चार गिरफ़्तार | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
जम्मू कश्मीर के डोडा ज़िले में पुलिस शस्त्रागार के हथियार बेचने की कोशिश करने के आरोप में तीन पुलिसकर्मियों समेत चार लोगों को गिरफ़्तार किया गया है. पुलिस के मुताबिक चारों लोग सरकारी शस्त्रागार के हथियार चरमपंथियों को बेचने की कोशिश कर रहे थे. डोडा ज़िले के पुलिस प्रमुख मनोहर सिंह ने बीबीसी को बताया कि चरमपंथी संगठन लश्कर-ए-तैयबा ने इन लोगों को पाँच राइफ़ल और कारतूस देने के बदले 4500 डॉलर की राशि का भुगतान किया था. उन्होंने कहा कि शस्त्रागार की सुरक्षा की ज़िम्मेदारी संभाल रहे हेड कांस्टेबल निसार ख़ान और उनके सहायक कांस्टेबल मोहम्मद आशिक़ ने दो राइफ़ल और कुछ कारतूस ग़ायब कर दिए. उन्होंने इसे एक पुलिस अधिकारी और एक अन्य व्यक्ति को दे दिया. पुलिस ने इन दोनों लोगों की पहचान सार्वजनिक नहीं की है. मनोहर सिंह ने बताया ये दोनों चुराए गए हथियार चरमपंथियों को सौंपने वाले थे लेकिन इससे पहले ही उन्हें गिरफ़्तार कर लिया गया. पिछले दिनों ही लश्कर-ए-तैयबा से कथित संबंधों के आरोप में सेना के तीन और राज्य पुलिस के दो जवानों को गिरफ़्तार किया गया था. | इससे जुड़ी ख़बरें पाँच सुरक्षाकर्मियों से पूछताछ26 जुलाई, 2006 | भारत और पड़ोस कश्मीर में 'फर्जी मुठभेड़' मामले की जाँच27 जुलाई, 2006 | भारत और पड़ोस तारबंदी के बावज़ूद हो रही है घुसपैठ29 जुलाई, 2006 | भारत और पड़ोस प्रमुख 'लश्कर चरमपंथी' गिरफ़्तार 22 जुलाई, 2006 | भारत और पड़ोस जम्मू-कश्मीर में आठ 'चरमपंथी' मारे गए21 जुलाई, 2006 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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