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शनिवार, 14 जुलाई, 2007 को 18:17 GMT तक के समाचार
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'उत्तर कोरिया का परमाणु संयंत्र बंद'
परमाणु निरीक्षक
उत्तर कोरिया की अनुमति से परमाणु निरीक्षक वहाँ पहुँचे हैं
अमरीका के विदेश मंत्रालय के अनुसार उत्तर कोरिया ने सूचना दी है कि योंगब्योन परमाणु संयंत्र को बंद कर दिया गया है.

हालांकि संयुक्त राष्ट्र अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) के निरीक्षकों ने अभी इसकी पुष्टि नहीं है.

योंगब्योंग संयंत्र उत्तर कोरिया का मुख्य परमाणु संयंत्र है और इस संयंत्र को बंद किए जाने के काम की निगरानी के लिए आईएईए के दस निरीक्षक वहाँ पहुँचे हुए हैं.

उत्तर कोरिया ने फ़रवरी महीने में ही संयंत्र को बंद कर देने की बात कही थी लेकिन विवादों का नया दौर शुरू हो जाने के कारण उत्तर कोरिया वादे से पीछे हट गया था.

बाद में जून में परमाणु मामलों के अमरीकी दूत क्रिस्टोफ़र हिल से हुई चर्चा के बाद उत्तर कोरिया ने इसके लिए हामी भर दी थी.

दरअसल उत्तर कोरिया और अमरीका के बीच मकाऊ में जमा धनराशि को लेकर विवाद चल रहा था. इस धनराशि को निकाले जाने पर अमरीका ने दो वर्ष पहले रोक लगा दी थी.

लेकिन चर्चाओं के बाद यह धनराशि उत्तर कोरिया को लौटाए जाने की सहमति बन गई थी और मकाऊ के बैंकों से यह राशि निकाल ली गई.

आर्थिक सहायता

उत्तर कोरिया ने अपना मुख्य परमाणु संयंत्र बंद करने की घोषणा तब की है जब ईंधन तेल से भरा जहाज़ वहाँ पहुँच गया है.

उत्तर कोरिया
संयंत्र बंद करने के बदले ईंधन तेल की पहली खेप पहुँच चुकी है

तेल की पहली बड़ी खेप, उस समझौते के तहत पहुँचा है जिसमें अमरीका ने परमाणु संयंत्र बंद करने पर आर्थिक सहायता का वादा किया था.

उल्लेखनीय है कि बीजिंग में हुई वार्ताओं में उत्तर कोरिया को परमाणु गतिविधियाँ बंद करने की शुरुआत करने के बदल 50 हज़ार टन ईंधन तेल देने की पेशकश की गई थी.

अब परमाणु निरीक्षक यह सुनिश्चित करेंगे कि संयंत्र बंद हो जाए और मशीनों-उपकरणों को सील कर दिया जाए.

बीबीसी संवाददाता का कहना है कि इस काम में तीन हफ़्ते तक का समय लग सकता है.

योंगब्योन रिएक्टर चार वर्षों से कार्यरत है और माना जाता है कि कि उत्तर कोरिया वहाँ इतना संवर्धित प्लूटोनियम पैदा कर चुका है जिससे कि 12 परमाणु बम तक बनाए जा सकें.

उत्तर कोरिया ने पिछले साल ही अपना पहला परमाणु परीक्षण किया था और वह लगातार तर्क देता रहा है कि उसे अमरीका से अपनी रक्षा करने के लिए परमाणु बम की ज़रूरत है.

उत्तर कोरिया और अंतरराष्ट्रीय समुदाय के बीच पाँच साल से चले आ रहे गतिरोध के बाद यह पहला समझौता है.

परमाणु मामलों के अमरीकी दूत क्रिस्टोफ़र हिल ने शुक्रवार को कहा था कि परमाणु संयंत्र बंद करना सिर्फ़ पहला क़दम है.

इसके बाद का कार्यक्रम तय करने के लिए उत्तर कोरिया, अमरीका, चीन, जापान, दक्षिण कोरिया और रूस की एक बैठक बुधवार को बीजिंग में होने वाली है.

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