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उत्तर कोरिया परमाणु संयंत्र बंद करेगा | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
उत्तर कोरिया योंगब्योन में चल रहे अपने परमाणु संयंत्र को बंद करने को तैयार हो गया है. परमाणु मामलों के विशेष अमरीकी दूत क्रिस्टोफ़र हिल ने कहा है कि उत्तर कोरिया तीन सप्ताह में संयंत्र को बंद करने पर राज़ी हो गया है. टोक्यो हवाई अड्डे पर पत्रकारों से बातचीत में हिल ने कहा कि तीन सप्ताह की समय सीमा बीते शुक्रवार से शुरू हुई है. क्रिस्टोफ़र हिल अचानक ही दो दिन की यात्रा पर उत्तर कोरिया पहुँच गए थे जहाँ उन्होंने वरिष्ठ नेताओं से परमाणु रिएक्टर के बारे में बातचीत शुरू की थी. उत्तर कोरिया ने फ़रवरी महीने में ही संयंत्र को बंद कर देने की बात कही थी लेकिन विवादों का नया दौर शुरू हो जाने के कारण उत्तर कोरिया वादे से पीछे हट गया था. विवाद उत्तर कोरिया और अमरीका के बीच विवाद की असली वजह थी मकाऊ में जमा धनराशि जिसके निकाले जाने पर अमरीका ने दो वर्ष पहले रोक लगा दी थी. उत्तर कोरिया धनराशि निकालने पर लगी पाबंदी उठाने की माँग करता रहा था. अमरीका का आरोप था कि ये पैसा मादक पदार्थों की तस्करी से कमाया गया है जबकि उत्तर कोरिया इन आरोपों को ग़लत बताया था. दो दिन पहले मकाऊ के सरकारी अधिकारियों ने कहा कि इस पैसे को अमरीकी केंद्रीय रिज़र्व में भेज दिया गया है. अमरीका के विशेष दूत क्रिस्टोफ़र हिल ने बताया कि ये पैसा रूस भेज दिया गया है जहाँ से कुछ दिनों में ये एक उत्तर कोरियाई बैंक में डाल दिया जाएगा. | इससे जुड़ी ख़बरें उत्तर कोरिया रिएक्टर बंद करे:अमरीका14 अप्रैल, 2007 | पहला पन्ना रिएक्टर बंद करने की समयसीमा ख़त्म14 अप्रैल, 2007 | पहला पन्ना संयुक्त राष्ट्र प्रमुख उत्तर कोरिया में13 मार्च, 2007 | पहला पन्ना उत्तर कोरिया: अब समझौते की चर्चा09 फ़रवरी, 2007 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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