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ब्रितानी सैनिकों ने आपबीती सुनाई | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
ब्रिटिश नौसैनिकों का कहना है कि बंधक बनाए जाने के बाद ईरानी सैनिकों ने उनसे बार-बार पूछताछ की और मानसिक दबाव में रखा. दूसरी ओर ईरानी विदेश मंत्रालय ने इन आरोपों को गलत बताया है. तेरह दिनों तक बंधक बनाए रखने के बाद ईरान ने 15 ब्रितानी नौसैनिकों को रिहा कर दिया. रिहाई के बाद ब्रिटेन पहुँचे इन नौसैनिकों का कहना है कि बंधक रहने के दौरान उनकी आँखों पर पट्टियाँ बाँधी गई और अधिकतर समय अलग-अलग रखा गया. एक नौसैनिक का कहना था एक बार उन्हें साथियों समेत दीवार की ओट से खड़ा कर दिया गया. इस दौरान उनके हाथ बँधे हुए थे और सर पर चादर रख दिया गया था. ईरानी प्रतिक्रिया ईरान के विदेश मंत्रालय का कहना है कि प्रताड़ित करने का आरोप गलत प्रचार का हिस्सा है और ऐसा करके ब्रिटेन अपनी गलती छिपाना चाहता है. ईरान का आरोप है कि ये ब्रितानी नौसैनिक अवैध तरीके से उसकी जलसीमा में घुस आए थे जिसके बाद ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड ने उन्हें पकड़ लिया. लंदन स्थित ईरानी राजदूत रोसुल मोवाहिदीन ने कहा है कि नौसैनिकों की रिहाई के बाद ब्रिटेन को सद्भाव दिखाना चाहिए. उन्होंने कहा कि अगर इराक़ में बंधक बनाए गए पाँच ईरानियों की रिहाई के लिए ब्रिटेन प्रयास करता है तो यह स्वागतयोग्य होगा. | इससे जुड़ी ख़बरें नौसैनिकों को बंधक बनाने की जाँच शुरू06 अप्रैल, 2007 | पहला पन्ना नौसैनिकों ने दुर्व्यवहार की बात कही06 अप्रैल, 2007 | पहला पन्ना रिहाई के बाद ब्रितानी नौसैनिक लंदन पहुँचे05 अप्रैल, 2007 | पहला पन्ना ईरान ने ब्रितानी नौसैनिक रिहा किए04 अप्रैल, 2007 | पहला पन्ना नौसैनिकों पर 'ईरान में मुक़दमा नहीं'02 अप्रैल, 2007 | पहला पन्ना 'नौसैनिकों पर मुक़दमा चल सकता है'31 मार्च, 2007 | पहला पन्ना ब्रिटेन के ईरान से द्विपक्षीय रिश्ते स्थगित28 मार्च, 2007 | पहला पन्ना नौसैनिकों की तस्वीरें ईरानी टीवी पर28 मार्च, 2007 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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