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ईरान ने ब्रितानी नौसैनिक रिहा किए | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
ईरान के राष्ट्रपति महमूद अहमदीनेजाद ने हिरासत में रखे गए ब्रितानी नौसैनिकों को रिहा करने की घोषणा कर दी है. जानकारी के मुताबिक रिहा किए गए सभी 15 ब्रितानी नौसैनिक गुरुवार सुबह ब्रिटेन लौटेंगे. ग़ौरतलब है कि ब्रिटेन के 15 नौसैनिकों को ईरान ने 23 मार्च को खाड़ी में हिरासत में ले लिया था और कहा था कि वे उस समय ईरानी जलक्षेत्र में अवैध रूप से घुस आए थे. हालाँकि ब्रिटेन ने ईरान के इन दावों का खंडन किया था कि ब्रितानी नौसैनिक ईरानी जलक्षेत्र में थे. ब्रिटेन का कहना था कि वे नौसैनिक इराक़ी जलक्षेत्र में थे. ईरान के राष्ट्रपति महमूद अहमदीनेजाद ने बुधवार को पत्रकार सम्मेलन में कहा कि ब्रितानी नौसैनिकों को एक तोहफ़े के तौर पर रिहा किया जा रहा है. हालाँकि अहमदीनेजाद ने उन ईरानी नौसैनिकों को भी पुरस्कार प्रदान किए जिन्होंने 23 मार्च को ब्रितानी नौसैनिकों को हिरासत में लिया था. हालांकि राष्ट्रपति महमूद अहमदीनेजाद ने यह आरोप फिर दोहराया कि ब्रितानी नौसैनिकों ने ईरानी जलक्षेत्र सीमा का उल्लंघन किया था. ईरानी राष्ट्रपति ने इराक़ पर अमरीकी नेतृत्व वाले विदेशी गठबंधन के हमले और लेबनान पर साल 2006 में किए गए इसराइली हमले की आलोचना की. फ़ारसी नववर्ष के मौक़े पर अपने संबोधन में राष्ट्रपति महमूद अहमदीनेजाद ने कहा कि इराक़ पर हमला इन झूठी दलीलों के साथ किया गया था कि इराक़ के पास महाविनाश के हथियार हैं लेकिन "विदेशी सेनाएँ अब भी वहाँ क़ाबिज़ हैं और अब भी लोग मारे जा रहे हैं." | इससे जुड़ी ख़बरें बंधकों की अदला-बदली से इनकार31 मार्च, 2007 | पहला पन्ना ईरान का 'अक्षम्य व्यवहार' निंदनीय : बुश31 मार्च, 2007 | पहला पन्ना नौसैनिकों की तस्वीरें ईरानी टीवी पर28 मार्च, 2007 | पहला पन्ना ब्रिटेन के ईरान से द्विपक्षीय रिश्ते स्थगित28 मार्च, 2007 | पहला पन्ना नौसैनिक मुद्दे पर ब्लेयर की चेतावनी27 मार्च, 2007 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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