|
रूस में दो बड़े हादसे: 160 मौतें | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
दक्षिणी रूस में मंगलवार की सुबह एक वृद्धाश्रम में आग लगने से कम से कम 63 व्यक्तियों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए. पिछले 24 घंटे में यह रूस में दूसरा बड़ा हादसा है. इससे पहले सोमवार को साइबेरिया क्षेत्र के किमिरोवो में एक कोयला खदान में मीथेन गैस रिसने के बाद हुए विस्फोट में वहाँ काम कर रहे कम से कम 97 लोग मारे गए. आपात स्थिति मंत्रालय के अनुसार कुबान क्षेत्र के कामयशेवाटस्काया गाँव में स्थित वृद्धाश्रम में आग लग गई. उस समय वहाँ 93 व्यक्ति ठहरे हुए थे. घायलों को स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है. एक अधिकारी के अनुसार आग मंगलवार तड़के लगी लेकिन दमकल विभाग का दफ्तर वहाँ से 50 किलोमीटर की दूरी पर होने के कारण अग्निशमन दस्ता घटनास्थल पर एक घंटे के बाद पहुँच सका. इससे पहले सोमवार को पूर्वी रूस में दोपहर एक बजे कोयला खदान में विस्फोट हुआ. उस समय खदान के भीतर क़रीब 200 लोग काम कर रहे थे. रूस में पिछले एक दशक में यह सबसे बड़ी खदान दुर्घटना है. इस हादसे में कम से कम 97 लोग मारे गए. कुछ लोग अभी भी अंदर फँसे हुए हैं. बचाव दलों ने अंदर फँसे 82 लोगों को बाहर निकालने में सफलता पा ली है लेकिन अभी भी फँसे हुए 13 लोगों को बचाने के प्रयास जारी हैं. बचाव दलों का कहना है कि मीथेन गैस के गहरे धुएं ने उनका काम मुश्किल कर दिया है. | इससे जुड़ी ख़बरें चीन की दो खदानों में विस्फोट26 नवंबर, 2006 | पहला पन्ना खदान हादसे में सभी खनिकों की मौत23 नवंबर, 2006 | पहला पन्ना विकास का खामियाज़ा भुगतते खनिक07 मार्च, 2005 | पहला पन्ना चीनी खान में विस्फोट, 203 की मौत15 फ़रवरी, 2005 | पहला पन्ना चीनी कोयला खदान में विस्फोट, 56 मरे21 अक्तूबर, 2004 | पहला पन्ना रूस में शोक का माहौल06 सितंबर, 2004 | पहला पन्ना चीन के खदान में विस्फोट14 मई, 2003 | पहला पन्ना ज़मीन खिसकने से 50 मरे 31 मार्च, 2003 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||