|
खदान हादसे में सभी खनिकों की मौत | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पोलैंड की एक कोयला खदान से 15 लोगों के शव बरामद किए गए हैं. इसके साथ ही किसी के ज़िंदा पाए जाने की उम्मीदें ख़त्म हो गई हैं. हादसे में मारे गए लोगों की संख्या अब 23 हो गई है. ये खदान वारसॉ शहर से करीब 300 किलोमीटर दूर रूडा स्लास्का में है. रात भर करीब 70 राहतकर्मी मलबा हटाने में लगे रहे ताकि हज़ार मीटर नीचे फँसे खनिकों तक पहुँचा जा सके. इससे पहले एक अन्य धमाके की आशंका के चलते राहत कार्य कुछ देर के लिए रोकना पड़ा. खदान में मिथेन गैसे काफ़ी ज़्यादा मात्रा में थी. ऑक्सिज़न की कमी और तापमान शून्य से 40 डिग्री सेल्सियस कम होने के चलते भी राहत कार्य में बाधा आई. खदान में धमाका मंगलवार को स्थानीय समयानुसार शाम चाढ़े चार बजे हुआ. पोलैंड के प्रधानमंत्री ने घटनास्थल का दौरा किया और तीन दिन के शोक की घोषणा की है. पादरी मृतकों के रिश्तेदारों को सांत्वना देने के काम में लगे हुए हैं. सिलेसिया की जिस खदान में ये धमाका हुआ है वो पोलैंड के कोयल उद्योग का केंद्र है. कम्यूनिस्ट दौर के बाद से पोलैंड में कोयला खदानों में सुरक्षा स्थितियाँ काफ़ी सुधरी हैं लेकिन यूनियनों की शिकायत रही है कि इस उद्योग में निवेश नहीं है. 2003 के बाद से विभिन्न हादसों में 80 से ज़्यादा खनिक मारे जा चुके हैं. | इससे जुड़ी ख़बरें 12 अमरीकी खनिकों को 'बचाया' गया04 जनवरी, 2006 | पहला पन्ना चीन में खदान में धमाका, 134 मरे28 नवंबर, 2005 | पहला पन्ना झारखंड में खदान धँसी11 अक्तूबर, 2002 | पहला पन्ना बचाव कार्य से ख़ुश नहीं खान मंत्री06 अगस्त, 2006 | भारत और पड़ोस | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||