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हर आठ में से एक इराक़ी विस्थापित | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
शरणार्थियों के लिए संयुक्त राष्ट्र की एजेंसी का कहना है कि 1948 में इसराइल बनने के बाद से मध्यपूर्व में अब तक का सबसे बड़ा विस्थापन इराक़ियों का हो रहा है. एजेंसी का कहना है कि अब हर आठ में से एक इराक़ी विस्थापित हो चुका है और पिछले छह महीने में ही पाँच लाख से अधिक इराक़ी अपना घर छोड़कर जा चुके हैं. एजेंसी ने इन विस्थापितों की सहायता के लिए छह करोड़ डॉलर की आपात सहायता की अपील की है. अपनी रिपोर्ट में एजेंसी ने कहा है कि इराक़ से हर महीने कोई 50 हज़ार लोग पलायन कर रहे हैं. संयुक्त राष्ट्र का कहना है कि कुछ लोगों ने तो 2003 में अमरीका के नेतृत्व में इराक़ पर हुए हमले के पहले ही अपना घरबार छोड़ दिया था. लेकिन हमले के बाद पलायन की दर बढ़ी है. रिपोर्ट के अनुसार 17 लाख लोग इराक़ के भीतर ही विस्थापित हुए हैं जबकि 20 लाख लोग दूसरे देशों में चले गए हैं. रिपोर्ट में कहा गया है कि इस समय कोई 10 लाख इराक़ी सीरिया में हैं, सात लाख जॉर्डन में हैं और एक लाख चालीस हज़ार लोग मिस्र और लेबनान में शरण लिए हुए हैं. कहा गया है कि 1948 में इसराइल बनने के बाद हुए विस्थापन के बाद से ऐसा विस्थापन मध्यपूर्व में अब तक नहीं देखा गया था. ग़रीबी और तनाव संयुक्त राष्ट्र का कहना है कि ज़्यादातर शरणार्थियों की हालत अच्छी नहीं है. वे बेहद ग़रीबी में रह रहे हैं और मेज़बान देशों पर बड़ा दबाव है.
सीरिया पर नज़र डालें तो वहाँ इराक़ियों के तीस प्रतिशत बच्चे स्कूल नहीं जाते. एजेंसी का कहना है कि इस बात के प्रमाण हैं कि इराक़ी महिलाओं को देहव्यापार की ओर धकेला जा रहा है और बच्चों से मज़दूरी करवाई जा रही है. एजेंसी ने इराक़ के पड़ोसी देशों की सीमाएँ खुली रखने की नीति पर भी चिंता जताई है. रिपोर्ट में कहा गया है कि इराक़ में हिंसा जिस तरह से जारी है उसका मतलब यह है कि इराक़ी देश के भीतर और बाहर बड़ी संख्या में विस्थापित होते रहेंगे और इसका सीधा असर पड़ोसी देशों पर ही पड़ने वाला है. | इससे जुड़ी ख़बरें दुनिया में शरणार्थियों की हालत चिंताजनक19 अप्रैल, 2006 | पहला पन्ना इराक़ में सैनिक बढ़ाने को लेकर चेतावनी07 जनवरी, 2007 | पहला पन्ना सद्दाम की फाँसी के तरीक़े से चिंतित बुश05 जनवरी, 2007 | पहला पन्ना 'सद्दाम को फाँसी बदले के लिए नहीं'31 दिसंबर, 2006 | पहला पन्ना इराक़ में स्थिति पर अलावी की चेतावनी27 नवंबर, 2005 | पहला पन्ना घर लौटने की आस में लाखों शरणार्थी17 अगस्त, 2005 | पहला पन्ना 'अमरीका मानवाधिकार उल्लंघन का दोषी'14 जनवरी, 2005 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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