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इराक़ में स्थिति पर अलावी की चेतावनी | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इराक़ के पूर्व प्रधानमंत्री ईयाद अलावी ने आगाह करते हुए कहा है कि देश में मानवाधिकारों के उल्लंघन की स्थिति उतनी ही ख़राब है जितनी कि सद्दाम हुसैन के शासन के ज़माने में हुआ करती थी. ब्रिटेन के एक अख़बार द ऑब्ज़र्वर को दिए इंटरव्यू में ईयाद अलावी ने कहा कि ख़ुफ़िया पुलिस बहुत से आम इराक़ियों को ख़ुफ़िया बंकरों में प्रताड़ित कर रही है और वे वहाँ मारे भी जा रहे हैं. अलावी ने कहा कि विद्रोहियों ने गृह मंत्रालय में जगह बना ली है और वे पुलिस और कुछ अन्य संस्थानों में भी घुस गए हैं. अमरीकी सैनिकों ने नवंबर के शुरू में आंतरिक सुरक्षा मंत्रालय की इमारत के ही भीतर एक गुप्त क़ैदख़ाने में 170 ऐसे लोगों को बचाया था जिन्हें संभवतः बलपूर्वक बंदी बनाया गया था और उनके साथ सख़्ती बरती गई थी. उन्होंने इन हालात को तेज़ी से फैलती बीमारी का नाम देते हुए कहा कि इसे तुरंत रोके जाने की ज़रूरत है. ईयाद अलावी सद्दाम हुसैन के शासन का ख़ात्मा होने के बाद इराक़ के पहले अंतरिम प्रधानमंत्री बने थे लेकिन वह जनवरी 2005 में हुए चुनावों में जीत हासिल नहीं कर पाए थे. उन चुनावों के बाद मौजूदा प्रधानमंत्री इब्राहीम अल जाफ़री सत्ता में आए थे. ग़ौरतलब है कि इराक़ में दिसंबर 2005 में संसदीय चुनाव होने हैं जिनके लिए जाफ़री ने एक गठबंधन बनाया है. | इससे जुड़ी ख़बरें सद्दाम के वकीलों ने बहिष्कार छोड़ा24 नवंबर, 2005 | पहला पन्ना इराक में कार बम धमाके, 35 की मौत24 नवंबर, 2005 | पहला पन्ना ज़रक़ावी की पहचान के लिए डीएनए टेस्ट 22 नवंबर, 2005 | पहला पन्ना 'अल जज़ीरा पर हमला चाहते थे बुश'22 नवंबर, 2005 | पहला पन्ना 'विरोध करना इराक़ियों का जायज़ हक़'21 नवंबर, 2005 | पहला पन्ना 'हर इराक़ी से मिलने के लिए तैयार हूँ' 20 नवंबर, 2005 | पहला पन्ना बग़दाद में धमाके, 75 लोग मारे गए18 नवंबर, 2005 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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