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जापान ने उत्तर कोरिया को आगाह किया | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
जापान के प्रधानमंत्री ने उत्तर कोरिया को चेतावनी दी है कि उसके ऊपर अंतरराष्ट्रीय दबाव और बढ़ जाएगा. उत्तर कोरिया के परमाणु कार्यक्रम को लेकर पाँच दिन तक चली बातचीत के नाकाम होने के बाद जापानी प्रधानमंत्री शिंज़ो ओबे ने ये बात कही है. इस वर्ष अक्तूबर में उत्तर कोरिया ने परमाणु परीक्षण किया था जिसके बाद संयुक्त राष्ट्र ने उसके ख़िलाफ़ प्रतिबंध लागू कर दिए हैं, जापान ने कहा है कि वह संयुक्त राष्ट्र के प्रतिबंधों को लागू कराए जाने के पक्ष में है. उत्तर कोरिया के दूत ने धमकी दी है कि उनका देश अपने परमाणु जख़ीरे को बढ़ा सकता है, दूत किम केग्वान ने कहा, "अमरीका बातचीत और दबाव दोनों बनाए रखना चाहता है, जबकि हम बातचीत के अलावा अपनी रक्षा करने में सक्षम बने रहना चाहते हैं इसके लिए हम अपनी प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ा सकते हैं." उत्तर कोरिया के दूत ने कहा कि अगर अमरीका आर्थिक प्रतिबंध हटा ले तो इससे सकारात्मक तरीक़े से बातचीत करने में मदद मिल सकती है. तेरह महीने के अंतराल पर उत्तर कोरिया के परमाणु कार्यक्रम पर यह बातचीत आयोजित हुई थी जिसमें अमरीका, चीन, दक्षिण कोरिया, रूस और जापान शामिल थे. दबाव संयुक्त राष्ट्र के प्रतिबंधों के अलावा, जापान ने अपनी तरफ़ से भी उत्तर कोरिया पर प्रतिबंध लगाए हैं, जापानी प्रधानमंत्री ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बिरादरी को इस मामले में दबाव बनाए रखना चाहिए. अमरीकी राजदूत क्रिस्टोफ़र हिल ने उत्तर कोरिया के रवैए पर खेद प्रकट किया और कहा कि वह मामले को पूरी गंभीरता से नहीं ले रहा है. हिल ने कहा, "उत्तर कोरिया को मामले की नज़ाकत समझना चाहिए, वे अपनी स्थिति पहले ही बिगाड़ चुके हैं, अब उन्हें बहानेबाज़ी बंद करनी चाहिए." लेकिन उत्तर कोरिया अपनी इस माँग पर अड़ा हुआ है कि उसके ख़िलाफ़ लगे आर्थिक प्रतिबंध हटाए जाएँ तभी वह आगे बात करेगा. | इससे जुड़ी ख़बरें उत्तर कोरिया पर समर्थन लेने में जुटे बुश18 नवंबर, 2006 | पहला पन्ना उत्तर कोरिया के साथ बातचीत पर सहमति31 अक्तूबर, 2006 | पहला पन्ना 'उत्तर कोरिया पर ज़्यादा दबाव न डालें'25 अक्तूबर, 2006 | पहला पन्ना तनाव बढ़ा रहा है उत्तर कोरिया: राइस 21 अक्तूबर, 2006 | पहला पन्ना उत्तर कोरिया ने प्रतिबंधों की आलोचना की15 अक्तूबर, 2006 | पहला पन्ना क्या है आख़िर यह सारा मामला..?05 जुलाई, 2006 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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