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उत्तर कोरिया ने प्रतिबंधों की आलोचना की | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
उत्तर कोरिया ने उसके ख़िलाफ़ पारित संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव की आलोचना की है. उत्तर कोरिया के परमाणु परीक्षण के दावे के बाद सुरक्षा परिषद ने उस पर प्रतिबंध लगाने के लिए सर्वसम्मित से प्रस्ताव पारित किया है. संयु्क्त राष्ट्र में उत्तर कोरिया के राजदूत पाक जिल ने कहा, "सुरक्षा परिषद का बर्ताव दादागिरी करने जैसा है और अगर अमरीका दबाव डालता है तो इसे यु्द्ध की घोषणा के तौर पर देखा जाएगा." पाक जिल बाद में परिषद की बैठक छोड़कर बाहर चले गए प्रस्ताव 1718 में हथियारों और आर्थिक प्रतिबंध लगाने की व्यवस्था है लेकिन इसमें सैनिक कार्रवाई की बात नहीं है. संयुक्त राष्ट्र के नवनिर्वाचित महासचिव बान की मून ने कहा है कि वो परमाणु कार्यक्रम पर चर्चा करने के लिए उत्तर कोरिया जाने को तैयार हैं. प्रतिबंध उत्तर कोरिया पर प्रतिबंध लगाने का आमतौर पर अंतरराष्ट्रीय जगत में स्वागत किया गया है. बीबीसी संवाददाता का कहना है प्रतिबंध किस तरह के हों और किस हद तक लगाए जाएँ इसे लेकर काफ़ी कूटनीतिक गहमागहमी हुई. चीन ने संयुक्त राष्ट्र प्रस्ताव पर कुछ आशंकाएँ जताई हैं, ख़ासकर उत्तर कोरिया के जहाजों की जाँच. वहीं रूस ने कहा है कि इन प्रतिबंध को अनिश्चितकालीन नहीं माना जाना चाहिए. बीबीसी के कूटनीतिक मामलों के संवाददाता जॉनथन मार्कस का कहना है कि चीन की चिंता का मुख्य कारण उत्तर कोरिया का स्थायित्व है. वहीं जापान और दक्षिण कोरिया ने सुरक्षा परिषद के उत्तर कोरिया पर लगाए गए प्रतिबंधों का स्वागत किया है. जापान के प्रधानमंत्री शिंज़ो आबे ने कहा कि जापान अपनी ओर से कुछ और प्रतिबंध लगाने पर विचार कर रहा है. जापान ने बुधवार को ही उत्तर कोरिया पर प्रतिबंध लगा दिए है जिनके तहत उसके जहाज़ों को जापान की जलसीमा में आने से मनाही है. कूटनीति आने वाले दिनों में इन प्रतिबंधों को लागू करने के लिए अंतरराष्ट्रीय गहमागहमी बढ़ने के आसार हैं. अमरीका की विदेश मंत्री कॉंडोलीज़ा राइस जापान, दक्षिण कोरिया और चीन की यात्रा पर जाने वाली हैं. प्रतिबंध ठीक से लागू करने के लिए संयु्क्त राष्ट्र को भी कार्यप्रणाली बनानी होगी. दक्षिण कोरियाई विदेश मंत्रालय ने कहा है कि वो प्रतिबंधों को लागू करेगा और उसने उत्तर कोरिया से बातचीत दोबारा शुरू करने का भी आग्रह किया. वहीं रूस के दूत ने कहा है कि उत्तर कोरिया ने कहा है कि वो बातीचत से इनकार नहीं कर रहा. प्रस्ताव सुरक्षा परिषद ने उत्तर कोरिया के ख़िलाफ़ जो प्रस्ताव पारित किया, उसमें निम्न बातें प्रमुख हैं.
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