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ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर नया प्रस्ताव | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
संयुक्त राष्ट्र में फ़्रांस, ब्रिटेन और जर्मनी ने प्रस्ताव का एक नया मसौदा पेश किया है जिसमें ईरान के परमाणु कार्यक्रम में कटौती की बात कही गई है. ईरान को चेतावनी दी गई है कि यदि वह यूरेनियम संवर्धन का काम नहीं रोकता है तो उसके ख़िलाफ़ आर्थिक प्रतिबंध लागू किए जा सकते हैं. सुरक्षा परिषद की बैठक में सोमवार को इस प्रस्ताव पर चर्चा होने की संभावना है. ईरान का कहना है कि वह बिजली बनाने के लिए परमाणु कार्यक्रम चला रहा है. लेकिन सुरक्षा परिषद के पाँच स्थाई सदस्यों को संदेह है कि ईरान परमाणु बम बनाना चाहता है. ईरान ने इससे पहले सुरक्षा परिषद की बात मानने से इनकार करते हुए यूरेनियम संवर्धन को रोकने से इनकार कर दिया है. फ़्रांस, ब्रिटेन और जर्मनी ने प्रस्ताव का मसौदा तैयार किया है जिसमें इस बात का ज़िक्र किया गया है कि ईरान को कौन-कौन सी सामग्री नहीं बेचनी चाहिए जिससे कि उसे परमाणु हथियार बनाने से रोका जा सके. रूस और चीन की चिंताओं के बाद यह प्रस्ताव तैयार किया गया है. इन दोनों ही देशों को प्रस्ताव को वीटो करने का अधिकार है. वैसे रुस ईरान में एक परमाणु बिजली घर बना रहा है तो चीन को ईरान से तेल लेना होता है. यूरोपीय अधिकारी उम्मीद कर रहे हैं कि यह प्रस्ताव क्रिसमस से पहले वोट के लिए रख दिया जाएगा. | इससे जुड़ी ख़बरें ईरान मामले पर पेरिस में बैठक05 दिसंबर, 2006 | पहला पन्ना 'ईरान, सीरिया उल्लंघन कर रहे हैं'15 नवंबर, 2006 | पहला पन्ना ईरान ने 'परमाणु कार्यक्रम' तेज़ किया27 अक्तूबर, 2006 | पहला पन्ना 'ईरान ने लेबनान पर वचनबद्धता दोहराई'03 सितंबर, 2006 | पहला पन्ना ईरान को मिली एक महीने की समयसीमा31 जुलाई, 2006 | पहला पन्ना ईरान में पच्चीस हज़ार यहूदी रहते हैं22 सितंबर, 2006 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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