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ईरान मामले पर पेरिस में बैठक | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
ईरान पर प्रतिबंध लगाने के मुद्दे पर विचार करने के लिए दुनिया की छह बड़ी ताकतें आज पेरिस में मिल रही हैं. संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के पाँच स्थायी सदस्यों-ब्रिटेन, चीन, फ्राँस, रूस और अमरीका के साथ-साथ जर्मनी के उच्च पदस्थ कूटनीतिज्ञ बैठक में भाग ले रहे हैं. ये कूटनीतिज्ञ पिछले कई हफ़्तों से ईरान पर प्रतिबंध लगाने के मुद्दे पर आपस में सहमति बनाने का प्रयास कर रहे हैं. ईरान पर संयुक्त राष्ट्र के दिशा-निर्देशों की अनदेखी करने का आरोप है. सूत्रों का कहना है कि ये सभी ताकतें प्रतिबंध की बात पर तो राज़ी हैं लेकिन प्रतिबंध के स्वरूप को लेकर एक मत नहीं हैं. अंतरराष्ट्रीय दबावों के बावज़ूद ईरान ने अपना परमाणु संवर्धन कार्यक्रम रोकने से इंकार कर दिया है. ईरान पर आरोप है कि वो अपने संवर्धन कार्यक्रम का उपयोग परमाणु हथियार बनाने में कर रहा है जबकि ईरान ने इन आरोपों का खंडन किया है. ब्रिटेन, फ्राँस और अमरीका चाहते हैं कि ईरान पर कड़े प्रतिबंध लगाए जाएं जबकि रूस और चीन आगे बातचीत जारी रखने के पक्ष में हैं. | इससे जुड़ी ख़बरें ईरान मुद्दे पर वामपंथी अभी भी नाराज़28 सितंबर, 2005 | भारत और पड़ोस भारत ने राजदूत को बुलाकर आपत्ति जताई26 जनवरी, 2006 | भारत और पड़ोस भारत ने ईरान के ख़िलाफ़ मतदान किया04 फ़रवरी, 2006 | भारत और पड़ोस ईरान के विदेश मंत्री का भारत दौरा टला19 जुलाई, 2006 | भारत और पड़ोस ईरानी परमाणु कार्यक्रम को सशर्त समर्थन17 नवंबर, 2006 | भारत और पड़ोस | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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