|
कुर्दों की हत्या मामले में सद्दाम की पेशी | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इराक़ के पूर्व राष्ट्रपति सद्दाम हुसैन के ख़िलाफ़ एक अन्य मुक़दमे में सुनवाई फिर शुरू हो गई है. ये मामला अनफ़ाल में कुर्दों की सामूहिक हत्या से जुड़ा हुआ है. सद्दाम हुसैन और छह अन्य के ख़िलाफ़ 1988 में अनफ़ाल सैन्य अभियान के दौरान बड़ी संख्या में कुर्दों की हत्या का मामला चल रहा है. उस कार्रवाई में एक लाख 80 हज़ार से ज़्यादा लोग मारे गए थे. इस अभियान में कुर्द समुदाय के हज़ारों गाँवों में आग लगा दी गई थी या उन्हें बमों से उड़ा दिया गया था. इस मामले में सद्दाम हुसैन के रिश्तेदार केमिकल अली भी अभियुक्त हैं. पिछले गुरुवार को राजधानी बग़दाद में हुए आत्मघाती हमलों में 200 से ज़्यादा लोगों के मारे जाने के बाद तीन दिन का कर्फ़्यू लगा दिया गया था. सोमवार को कर्फ़्यू हटाए जाने के बाद इस मामले की सुनवाई शुरू हुई. बग़दाद में मौजूद बीबीसी संवाददाता के मुताबिक़ कोर्ट को उम्मीद है कि इन मामलों की सुनवाई सद्दाम हुसैन को फाँसी दिए जाने से पहले पूरी हो जाएगी. कुछ दिन पहले सद्दाम हुसैन को दुजैल हत्याकांड मामले में फाँसी की सज़ा दी गई थी. सद्दाम हुसैन पर 1982 में एक जानलेवा हमला हुआ था. बयान जिसके बाद शिया बहुल दुजैल शहर में 148 लोगों की हत्या के मामले में उन्हें दोषी ठहराया गया है. अनफ़ाल मामले में सभी सातों अभियुक्त सुनवाई के दौरान कोर्ट में मौजूद थे जिनमें से ज़्यादातर का प्रतिनिधित्व वे वकील कर रहे थे जिन्हें कोर्ट ने नियुक्त किया है. क्योंकि बचाव पक्ष के कुछ वकील सुनवाई का बहिष्कार कर रहे हैं. बचाव पक्ष के वकीलों का कहना है कि कोर्ट ने उन्हें बहस की तैयारी के लिए पर्याप्त समय नहीं दिया है. बग़दाद में मौजूद बीबीसी संवाददाता डेविड लॉयन ने कहा कि कोर्ट ने अनफ़ाल अभियान में बच गए कुछ कुर्द लोगों के दिल दहला देने वाले बयान सुने. सुनवाई में सबसे पहले गवाह तैमूर अब्दुल्ला रोख्ज़ा ने विस्तार से बताया कि किस तरह कुर्द लोगों को मारा गया था. तैमूर रोख्ज़ा ने अदालत को बताया, "वहाँ पर एक गड्ढा था, हम सब को पंक्तिबद्द कर खड़ा किया गया था और एक सैनिक हम पर गोलियाँ चला रहा था." यह अब तक स्पष्ट नहीं हो सका है कि इराक़ी प्रशासन सद्दाम हुसैन को फाँसी देने से पहले दूसरे मामले की सुनवाई पूरी होने की प्रतीक्षा करेगा या नहीं. इराक़ के प्रधानमंत्री नूरी अल मलिकी ने कहा है कि उन्हें उम्मीद है कि सद्दाम हुसैन को वर्ष 2006 के अंत से पहले ही फाँसी दे दी जाएगी. | इससे जुड़ी ख़बरें सद्दाम को सज़ा: नेताओं की प्रतिक्रिया05 नवंबर, 2006 | पहला पन्ना किसी को भी मौत की सज़ा के पक्ष में नहीं हैं ब्लेयर06 नवंबर, 2006 | पहला पन्ना 'सद्दाम को सज़ा मील का पत्थर'06 नवंबर, 2006 | पहला पन्ना 'अरब मीडिया में फ़ैसले की आलोचना'06 नवंबर, 2006 | पहला पन्ना सद्दाम ने मेल मिलाप का संदेश दिया07 नवंबर, 2006 | पहला पन्ना 'सद्दाम को साल के अंत तक सज़ा'08 नवंबर, 2006 | पहला पन्ना 'सद्दाम को फाँसी देने से हिंसा और बढ़ेगी'10 नवंबर, 2006 | पहला पन्ना सद्दाम पर मुक़दमा 'अप्रामाणिक'20 नवंबर, 2006 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||