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पूर्व रूसी जासूस की मौत की जाँच जारी | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
ब्रिटेन के वरिष्ठ अधिकारियों ने रूस के पूर्व जासूस एलेक्ज़ेंडर लित्विनेन्को की मौत की जाँच के बारे में विचार विमर्श किया. ब्रिटेन में निर्वासित जीवन गुज़ार रहे लित्विनेन्को की गुरुवार शाम को लंदन के एक अस्पताल में मौत हो गई थी. ब्रितानी अधिकारियों का कहना है कि एलेक्ज़ेंडर लित्विनेन्को को रेडियोधर्मी पदार्थ के माध्यम से ज़हर दिया गया था. अधिकारियों को संदेह है कि रेडियोधर्मी पदार्थ पोलोनियम 210 हो सकता है. लित्विनेन्को रूस के राष्ट्रपति व्लादीमिर पुतिन के कड़े आलोचक माने जाते थे. लित्विनेन्को के एक मित्र एलेक्ज़ेंडर गोल्डफ़्रैब का कहना है कि उनकी मौत रूसी सरकार की ओर इशारा करती है. गोल्डफ़्रैब का कहना है कि इस तरह के ज़हर का स्रोत सरकारी एजेंसी ही हो सकती है. हालाँकि राष्ट्रपति पुतिन ने इस मामले में किसी भी भूमिका से इनकार किया है. बीबीसी के सुरक्षा मामलों के संवाददाता का कहना है कि अभी राजनयिक संकट के बारे में कहना उचित नहीं होगा. लेकिन ब्रिटेन ने रूस से कह दिया है कि वह लित्विनेन्को को ज़हर दिए जाने के मामले को काफ़ी गंभीरता से ले रहा है. लंदन स्थित रूस के राजदूत से कहा गया है कि वे लित्विनेन्को की मौत के बारे में सूचना उपलब्ध कराएँ. लित्विनेन्को की मौत की जाँच के सिलसिले में ब्रिटेन पुलिस की आतंकवाद निरोधक शाखा क्लोज़ सर्किट टीवी से लए गए दृश्यों की जाँच भी कर रहे हैं ताकि रूसी जासूस की मौत की गुत्थी को सुलझाया जा सके. पुलिस इस बात की भी खोजबीन में लगे हुए हैं कि एक नवंबर को जब वो बीमार पड़े थे उस दौरान उनकी किन लोगों से मुलाक़ात हुई थी. विवादित हुई मौत एलेक्ज़ेंडर रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की नीतियों के आलोचक थे और पुतिन के व्यक्तिगत जीवन पर लगाए गए आरोपों को लेकर चर्चा में रहे थे. लित्विनेन्को की मौत के बाद उनका एक बयान भी जारी किया गया था जिसमें उन्होंने अपनी स्थिति के लिए ब्लादिमीर पुतिन को ज़िम्मेदार ठहराया था.
पिछले दिनों अचानक तबीयत ख़राब होने के बाद उन्हें लंदन के यूनिवर्सिटी कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया था जहाँ उनका इलाज चल रहा था. लित्विनेन्को के दोस्तों का आरोप है कि उन्हें पुतिन का आलोचक होने की वजह से ज़हर दिया गया था. लित्विनेन्को वर्ष 2000 में ब्रिटेन आने के बाद से निर्वासित ज़िंदगी गुज़ार रहे थे. उन्हें बाद में यहाँ की नागरिकता भी मिल गई थी. इस महीने की पहली तारीख़ को लंदन के एक रेस्टोरेंट में कुछ लोगों से मिलने के बाद अचानक लित्विनेन्को की तबीयत ख़राब हो गई और दिनोंदिन बिगड़ती चली गई. शुरू में उन्हें बर्नेट जनरल अस्पताल में लाया गया लेकिन बाद में स्थिति नाजुक होने पर उन्हें 17 नवंबर को यूनिवर्सिटी कॉलेज अस्पताल में भेज दिया गया. | इससे जुड़ी ख़बरें लित्विनेन्को की मौत:जाँच नई दिशा में24 नवंबर, 2006 | पहला पन्ना पूर्व रूसी जासूस की अस्पताल की मौत24 नवंबर, 2006 | पहला पन्ना पूर्व जासूस को 'ज़हर देने' की जाँच19 नवंबर, 2006 | पहला पन्ना अमरीकियों पर ख़ुफ़िया नज़र रखना सही13 मई, 2006 | पहला पन्ना चुपके-चुपके फैलता जासूसी का कारोबार07 अक्तूबर, 2005 | भारत और पड़ोस केजीबी अधिकारी के आरोपों का खंडन18 सितंबर, 2005 | भारत और पड़ोस चेचन्या की समस्या बरकरार24 अक्तूबर, 2002 | पहला पन्ना इंटरनेट लिंक्स बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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