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अमरीकियों पर ख़ुफ़िया नज़र रखना सही | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीकी राष्ट्रपति जॉर्ज डब्ल्यू बुश ने अमरीकी जनता पर ख़ुफ़िया नज़र रखने के कार्यक्रम को सही करार दिया है. अपने साप्ताहिक रेडियो भाषण में उन्होंने कहा कि अमरीकी ज़मीन पर जिन ख़ुफ़िया कार्यक्रमों को उन्होंने मंज़ूरी दी है वो सब क़ानून-सम्मत हैं और पूरी तरह अल-क़ायदा को लक्ष्य में रख कर कार्यान्वित किए गए हैं. बुश ने कहा, "हमारी हर तरह की गतिविधि में अमरीकी जनता की प्राइवेसी की रक्षा की जाती है." उन्होंने कहा, "सरकार अदालत की अनुमति के बिना घरेलू फ़ोन कॉल नहीं सुनती है. हम लाखों निर्दोष अमरीकियों की निजी ज़िंदगी में ताकझाँक नहीं करते." आरोप बुश का बयान ऐसे समय में आया है जब अमरीकी ख़ुफ़िया एजेंसियों द्वारा लाखों अमरीकियों के फ़ोन रिकॉर्ड जमा किए जाने संबंधी ख़बरें सामने आई हैं. अमरीकी राष्ट्रपति ने यूएसए टुडे अख़बार में छपी इस आशय की ख़बर का न तो खंडन किया और न ही पुष्टि की, कि अमरीका की तीन सबसे बड़ी फ़ोन कंपनियाँ कॉल संबंधी रिकॉर्ड नेशनल सिक्यूरिटी एजेंसी को मुहैया कराती रही हैं. उल्लेखनीय है कि नेशनल सिक्यूरिटी एजेंसी के एक पूर्व निदेशक जनरल माइकल हेडन को ख़ुफ़िया एजेंसी सीआईए का अगला प्रमुख घोषित किया गया है. अपने रेडियो भाषण में बुश ने सीनेट से हेडन के नाम को शीघ्र स्वीकृति दिए जाने की अपील की है. | इससे जुड़ी ख़बरें सीआईए प्रमुख पद पर हेडन नामांकित08 मई, 2006 | पहला पन्ना 'ग्वांतानामो' बंद करने को तैयार बुश07 मई, 2006 | पहला पन्ना बड़ी मछली पकड़ना सुखद क्षण:बुश07 मई, 2006 | पहला पन्ना सीआईए प्रमुख ने दिया इस्तीफ़ा05 मई, 2006 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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