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लित्विनेन्को की मौत:जाँच नई दिशा में | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
ब्रिटेन के स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने कहा है कि रूस के पूर्व जासूस एलेक्ज़ेंर लित्विनेन्को के शरीर से रेडियोधर्मी तत्त्वों के लक्षण मिले हैं. लित्विनेन्को की गुरुवार शाम को लंदन के एक अस्पताल में मौत हो गई थी. संदेह है कि लित्विनेन्को को ज़हर दिया गया था. ब्रिटिश हेल्थ प्रोटेक्शन एजेंसी के डॉक्टर रोजर कॉक्स ने बताया कि उन्हें पुलिस से इस बात की जानकारी मिली है कि लित्विनेन्को के मूत्र में रेडियोधर्मिता पाई गई है. पुलिस का कहना है कि हो सकता है पोलोनियम 210 के कारण ऐसा हुआ हो. पोलोनियम 210 उच्च रेडियोधर्मी ख़तरनाक तत्त्व है. खाने या सूँघने के कारण यह तत्त्व शरीर में तेज़ी से फैल जाता है. ब्रितानी पुलिस रेडियधर्मी पदार्थों की तलाश कर रही है और इस मामले में कई इलाक़ों में छानबीन की जा रही है. बयान लित्विनेन्को की मौत के बाद उनका एक बयान भी जारी किया गया है. इस बयान में उन्होंने अपनी स्थिति के लिए रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को निजी तौर पर ज़िम्मेदार ठहराया था. 43 वर्षीय लित्विनेन्को की गुरुवार को लंदन के एक अस्पताल में मौत हो गई. संदेह व्यक्त किया जा रहा है कि उन्हें ज़हर दिया गया था. लित्विनेन्को के मित्रों का कहना है कि केजीबी के पूर्व जासूस लित्विनेन्को को इसलिए ज़हर दिया गया क्योंकि वे रूसी सरकार के कड़े आलोचक थे. उनके मित्र एलेक्स गोल्डफ़्रैब ने लित्विनेन्को का बयान पढ़कर सुनाया. इस बयान में लित्विनेन्को ने कहा था- मैं अपनी मौजूदा स्थिति के लिए ज़िम्मेदार व्यक्ति को संदेश देना चाहता हूँ. उन्होंने आगे कहा था- आप मुझे चुप कराने में सफल हो सकते हो लेकिन इसके लिए क़ीमत चुकानी पड़ेगी. आपने अपने को दिखा दिया है कि आप कितने बर्बर और निर्दयी हैं जैसा कि आपके आलोचकों का भी दावा था. आपने यह भी दिखा दिया है कि आपके पास जीवन, आज़ादी और सभ्य मूल्यों के प्रति कोई सम्मान नहीं है. लित्विनेन्को को रूस के राष्ट्रपति पुतिन का कड़ा आलोचक माना जाता था. लित्विनेन्को ने यह भी आरोप लगाया था कि सात साल पहले मॉस्को में हुए बम धमाकों के पीछे रूसी अधिकारी ही थे. उन धमाकों में 200 आम नागरिक मारे गए थे. इसके लिए चेचेन विद्रोहियों को ज़िम्मेदार ठहराया गया था और इन्हीं बम धमाकों के बाद दूसरा चेचेन युद्ध शुरू हुआ था. इनकार लेकिन रूसी अधिकारियों ने पूर्व जासूस एलेक्ज़ेंडर लित्विनेन्को की मौत में अपनी किसी भी भूमिका से इनकार किया है.
राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के एक प्रवक्ता दमित्री पेस्कोफ़ ने लित्विनेन्को की मौत को बड़ा हादसा बताया है. उन्होंने कहा कि इस मामले में रूस की भूमिका पर लगाए जा रहे आरोप 'बिल्कुल निरर्थक' हैं. उन्होंने कहा कि यह अब ब्रितानी पुलिस पर है कि वे इसकी जाँच करें कि असल में क्या हुआ था. पिछले दिनों अचानक तबीयत ख़राब होने के बाद लित्विनेन्को को लंदन के यूनिवर्सिटी कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया था जहाँ उनका इलाज चल रहा था. लित्विनेन्को वर्ष 2000 में ब्रिटेन आने के बाद से निर्वासित ज़िंदगी गुज़ार रहे थे. उन्हें बाद में यहाँ की नागरिकता भी मिल गई थी. इस महीने की पहली तारीख़ को लंदन के एक रेस्टोरेंट में कुछ लोगों से मिलने के बाद अचानक लित्विनेन्को की तबीयत ख़राब हो गई और दिनों-दिन बिगड़ती चली गई. शुरू में उन्हें बर्नेट जनरल अस्पताल में लाया गया लेकिन बाद में स्थिति नाजुक होने पर उन्हें 17 नवंबर को यूनिवर्सिटी कॉलेज अस्पताल में भेज दिया गया. बुधवार की रात दिल का दौरा पड़ने के बाद उनकी तबीयत और बिगड़ गई और एक दिन बाद ही उनकी मौत हो गई. लित्विनेन्को पिछले दिनों रूसी पत्रकार अन्ना पोलित कोव्सकाया की हत्या की जाँच कर रहे थे. व्लादिमीर पुतिन की मुखर आलोचक रहीं पोलितकोव्सकाया की पिछले महीने मॉस्को में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. | इससे जुड़ी ख़बरें पूर्व जासूस को 'ज़हर देने' की जाँच19 नवंबर, 2006 | पहला पन्ना अमरीकियों पर ख़ुफ़िया नज़र रखना सही13 मई, 2006 | पहला पन्ना चुपके-चुपके फैलता जासूसी का कारोबार07 अक्तूबर, 2005 | भारत और पड़ोस केजीबी अधिकारी के आरोपों का खंडन18 सितंबर, 2005 | भारत और पड़ोस चेचन्या की समस्या बरकरार24 अक्तूबर, 2002 | पहला पन्ना इंटरनेट लिंक्स बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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