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पूर्व रूसी जासूस की अस्पताल की मौत | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
रूसी खुफिया एजेंसी केजीबी के पूर्व जासूस एलेक्ज़ेंडर लित्विनेन्को की लंदन के एक अस्पताल में गुरुवार की रात को मृत्यु हो गई. एलेक्ज़ेंडर रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की नीतियों के आलोचक थे और पुतिन के व्यक्तिगत जीवन पर लगाए गए आरोपों को लेकर चर्चा में रहे थे. पिछले दिनों अचानक तबीयत ख़राब होने के बाद उन्हें लंदन के यूनिवर्सिटी कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया था जहाँ उनका इलाज चल रहा था. लित्विनेन्को के दोस्तों का आरोप है कि उन्हें पुतिन का आलोचक होने की वजह से ज़हर दिया गया था. रूस ने कहा है कि पूरे प्रकरण में उसकी कोई भूमिका नहीं है. उधर स्कॉर्टलैंड यार्ड इस मामले की जाँच कर रही है. यूनिवर्सिटी कॉलेज अस्पताल ने कहा है कि लित्विनेन्को की ऐसी हालत क्यों हुई, इसकी जाँच अभी जारी है. अस्पताल के बाहर लित्विनेन्को के परिवार की ओर से बयान देते हुए एलेक्स गोल्डफ़र्ब ने कहा, "हमलोग सदमे में होने के साथ ही इस तरह के अमानवीय अपराध के बाद डरे हुए भी हैं. यह शोक की रात है." लित्विनेन्को वर्ष 2000 में ब्रिटेन आने के बाद से निर्वासित ज़िंदगी गुज़ार रहे थे. उन्हें बाद में यहाँ की नागरिकता भी मिल गई थी. इस महीने की पहली तारीख़ को लंदन के एक रेस्टोरेंट में कुछ लोगों से मिलने के बाद अचानक लित्विनेन्को की तबीयत ख़राब हो गई और दिनोंदिन बिगड़ती चली गई. शुरू में उन्हें बर्नेट जनरल अस्पताल में लाया गया लेकिन बाद में स्थिति नाजुक होने पर उन्हें 17 नवंबर को यूनिवर्सिटी कॉलेज अस्पताल में भेज दिया गया. जाँच जारी बुधवार की रात दिल का दौरा पड़ने के बाद उनकी तबीयत और बिगड़ गई और एक दिन बाद ही उनकी मौत हो गई. अस्पताल के प्रवक्ता ने कहा, "लित्विनेन्को की इस हालत के लिए संभावित सारे कारणों पर विचार किया गया है. अब स्कॉर्टलैंड यार्ड के जासूस इस मामले की जाँच कर रहे हैं इसिलए हम कोई बयान नहीं देंगे." लित्विनेन्को पिछले दिनों रूसी पत्रकार अन्ना पोलित कोव्सकाया की हत्या की जाँच कर रहे थे. व्लादिमीर पुतिन की मुखर आलोचक रहीं पोलितकोव्सकाया की पिछले महीने मॉस्को में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी.
लित्विनेन्को ने तबीयत ख़राब होने के बाद बीबीसी को बताया था, "मेरे सूत्र ने मुझे मिलने के लिए कहा था, इसके बाद लंदन के एक रेस्टोरेंट में उसने मुझे दस्तावेज़ दिए जिसमें कुछ नाम थे. शायद उन लोगों के जो अन्ना पोलितकोव्सकाया की हत्या में शामिल थे. इस मुलाक़ात के कुछ घंटों बाद मेरी तबीयत ख़राब होने लगी." 'ज़िंदा रहना चाहता हूँ' फ्राइडे टाइम्स अख़बार में छपी रिपोर्ट के अनुसार क़रीबी दोस्त और फ़िल्म निर्माता अंद्रेई नेकरसोव ने लित्विनेन्को के अचेत होने से पहले उनसे बात की थी. अंद्रेई नेकरसोव के अनुसार लित्विनेन्को ने उनसे कहा, "मैं उन लोगों को दिखाने के लिए ज़िंदा रहना चाहता हूँ. उन्होंने मुझे शिकार बना लिया पर वो सबके साथ ऐसा नहीं कर सकेंगे. " यूनिवर्सिटी कॉलेज अस्पताल की शुरुआती रिपोर्ट में लित्विनेन्को को थैलियम दिए जाने की बात कही गई थी लेकिन बाद में रेडियोधर्मी तत्वों के प्रयोग की भी आशंका जताई गई. हालांकि यूनिवर्सिटी कॉलेज अस्पताल के डॉक्टर ज्योफ़ बेलिगन ने इन दोनों ही आशंकाओं को खारिज कर दिया है. ग़ौरतलब है कि थैलियम रसायन नसों, फेफड़े, हृदय, लीवर और गुर्दे के लिए घातक होता है. बाल उड़ना, उल्टी और दस्त इसके लक्षण हैं. इसकी एक ग्राम मात्रा लेने भर से आदमी की मौत हो सकती है. | इससे जुड़ी ख़बरें पूर्व जासूस को 'ज़हर देने' की जाँच19 नवंबर, 2006 | पहला पन्ना अमरीकियों पर ख़ुफ़िया नज़र रखना सही13 मई, 2006 | पहला पन्ना चुपके-चुपके फैलता जासूसी का कारोबार07 अक्तूबर, 2005 | भारत और पड़ोस केजीबी अधिकारी के आरोपों का खंडन18 सितंबर, 2005 | भारत और पड़ोस चेचन्या की समस्या बरकरार24 अक्तूबर, 2002 | पहला पन्ना इंटरनेट लिंक्स बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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