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हमास ने अपना रुख़ फिर दोहराया | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
फ़लस्तीनी सरकार का नेतृत्व करने वाले दल हमास ने कहा है कि प्रस्तावित राष्ट्रीय एकता वाली सरकार इन अंतरराष्ट्रीय माँगों पर राज़ी नहीं होगी कि इसराइल के वजूद को मान्यता दी जाए. हमास के अधिकारियों ने कहा है कि नई सरकार उस समाधान को भी स्वीकार नहीं करेगी जिसमें इसराइल और फ़लस्तीन को दो पड़ोसी देशों के रूप में मान्यता दी जाए. ग़ौरतलब है कि हमास इसराइल के वजूद को मान्यता नहीं देता और जब से वह सरकार में आया है तभी से यूरोपीय संघ और अमरीका यह माँग कर रहे हैं कि हमास हिंसा का त्याग करे और इसराइल के वजूद को मान्यता दे, तभी वे हमास के नेतृत्व वाली फ़लस्तीनी सरकार के साथ कोई संबंध रख सकते हैं. अमरीका और यूरोपीय संघ ने इसी मुद्दे पर फ़लस्तीनी सरकार को दी जाने वाली सहायता भी स्थगित कर रखी है और दोनों पक्षों के बीच कोई बातचीत भी नहीं हो रही है. उधर एक राष्ट्रीय एकता वाली फ़लस्तीनी सरकार के गठन के लिए हमास और एक अन्य प्रमुख फ़लस्तीनी गुट फ़तह के बीच बातचीत चल रही है. सोमवार को ऐसी ख़बरें मिलीं कि दोनों पक्ष प्रस्तावित राष्ट्रीय एकता वाली सरकार के प्रधानमंत्री के नाम पर सहमत हो गए हैं हालाँकि इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है. लेकिन सीरिया स्थित हमास के एक वरिष्ठ पदाधिकारी ने कहा है कि नई सरकार का नेतृत्व मोहम्मद शबीर करेंगे. मोहम्मद शबीर एक शिक्षाविद हैं जो हमास के नज़दीकी रहे हैं लेकिन उनका कहना है कि वह हमास के सदस्य नहीं हैं. | इससे जुड़ी ख़बरें अरब देशों की प्रतिबंध तोड़ने की घोषणा12 नवंबर, 2006 | पहला पन्ना 'दिसंबर तक राष्ट्रीय एकता सरकार संभव'11 नवंबर, 2006 | पहला पन्ना हानिया ने इस्तीफ़ा देने की पेशकश की10 नवंबर, 2006 | पहला पन्ना हमास और फ़तह समझौते के क़रीब06 नवंबर, 2006 | पहला पन्ना इसरायली हमलों में 18 फ़लस्तीनी मारे गए08 नवंबर, 2006 | पहला पन्ना हमास की सरकार के समर्थन में रैली06 अक्तूबर, 2006 | पहला पन्ना इंटरनेट लिंक्स बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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