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अरब देशों की प्रतिबंध तोड़ने की घोषणा | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अरब लीग के महासचिव अम्र मूसा ने घोषणा की है कि अरब देश इस बात पर सहमत हो गए हैं कि हमास के नेतृत्ववाली फ़लस्तीनी सरकार पर पश्चिमी देशों के आर्थिक प्रतिबंधों में सहयोग न किया जाए. यह घोषणा काहिरा में अरब विदेश मंत्रियों की आपात बैठक के बाद की गई. यह बैठक ग़ज़ा में इसराइली कार्रवाई की निंदा के एक प्रस्ताव को अमरीका के वीटो करने के बाद बुलाई गई थी. इसके पहले अरब देशों ने अमरीका की ओर से ग़ज़ा पर संयुक्त राष्ट्र के प्रस्ताव को वीटो करने की निंदा की थी. ग़ौरतलब है कि अमरीका ने संयुक्त राष्ट्र में ग़ज़ा पर आए एक प्रस्ताव को वीटो कर दिया था जिसमें इसराइली सेना के ग़ज़ा अभियान की आलोचना की गई थी. ग़ौरतलब है कि इसराइल के हमले में 18 फ़लस्तीनी नागरिक मारे गए थे. बीबीसी संवाददाता का कहना है कि हालांकि यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि कैसे आर्थिक प्रतिबंधों को तोड़ा जाएगा. इस बारे में भी कुछ नहीं गया है कि जो अरब बैंक फ़लस्तीनी सरकार से वित्तीय लेन देन करेंगे और उसके बाद उन पर लगनेवाले आर्थिक प्रतिबंधों के लिए क्या मदद दी जाएगी. फ़लस्तीनी विदेश मंत्री महमूद अज़हर ने स्वीकार किया कि धनराशि पहुँचने में कुछ वक्त लगेगा. लेकिन उनका कहना था कि इस फ़ैसले से फतह के साथ राष्ट्रीय एकता सरकार गठित करने में मदद मिलेगी. उल्लेखनीय है कि अमरीका और यूरोपीय संघ हमास को चरमपंथी संगठन मानते हैं. | इससे जुड़ी ख़बरें अरब देशों ने अमरीका की निंदा की12 नवंबर, 2006 | पहला पन्ना अमरीका ने ग़ज़ा प्रस्ताव को वीटो किया11 नवंबर, 2006 | पहला पन्ना बंदियों के मुद्दे पर हिज़्बुल्ला-इसराइल वार्ता01 नवंबर, 2006 | पहला पन्ना इसराइल की ताज़ा कार्रवाई में सात मरे04 नवंबर, 2006 | पहला पन्ना इसरायली हमलों में 18 फ़लस्तीनी मारे गए08 नवंबर, 2006 | पहला पन्ना 'छापे में सात फ़लस्तीनियों की मौत'23 अक्तूबर, 2006 | पहला पन्ना अब्बास ने इसराइली हमले की निंदा की01 नवंबर, 2006 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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