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इसरायली हमलों में 18 फ़लस्तीनी मारे गए | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
फ़लस्तीनियों का कहना है कि उत्तरी गज़ा में इसरायली टैंकों से हुई गोलीबारी में कम से 18 लोग मारे गए हैं और 40 अन्य घायल हुए हैं. इसरायल ने निर्दोष नागरिकों के मारे जाने की घटना को दुखद बताते हुए कहा है कि वह पूरे मामले की जाँच कर रहा है. उधर संयुक्त राष्ट्र, यूरोपीय संघ और अरब लीग ने इसरायली सेना की इस कार्रवाई की निंदा की है. फ़लस्तीनी नेताओं ने इस मामले पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की आपात बैठक बुलाने की माँग की है ताकि इसरायली सैन्य कार्रवाई को रोका जा सके. फ़लस्तीनी प्रशासन के मुखिया महमूद अब्बास ने इसे एक भयानक जनसंहार करार दिया है. फ़लस्तीनी प्रधानमंत्री और हमास के नेता इस्माइल हनिया ने कहा है कि बदले हालात में राष्ट्रीय एकता की सरकार गठित करने के लिए चल रही बातचीत स्थगित कर दी गई है. हमला प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक ये हमले उस समय हुए जब ज़्यादातर लोग अपने घरों में सोए हुए थे, तभी इसरायली टैंकों ने लोगों के घरों पर गोले बरसाए. फ़लस्तीनी अस्पताल के आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि मरने वालों में 13 लोग एक ही परिवार के सदस्य थे जिनमें दो महिलाएँ और छ: बच्चे भी शामिल हैं. एक प्रत्यक्षदर्शी अल्ताफ़ हमद ने बताया कि यह उसके जीवन का सबसे दुखद दृश्य था. फ़लस्तीनी सरकार ने तीन दिनों के शोक की घोषणा की है. इधर इसरायली प्रधानमंत्री एहुद ओल्मर्ट ने भी हमलों पर खेद जताते हुए घायलों के लिए मानवीय मदद की पेशकश की है. इसरायली रक्षा मंत्री आमिर पेरेज़ ने गोलाबारी रोकने का आदेश देकर इस घटना की तुरंत जाँच के आदेश दिए हैं.
इससे पहले इसरायली सेना की एक अलग कार्रवाई में पश्चिमी तट के निकट ज़ेनिन शहर में पाँच फ़लस्तीनी मारे गए. उनके बारे में कहा गया कि वे राष्ट्रपति महमूद अब्बास के फ़तह आंदोलन से जुड़े हथियारबंद समूह अल-अस्क़ा शहीद ब्रिगेड के सदस्य थे. एक सप्ताह तक अपने लगातार अभियान के बाद मंगलवार को इसरायली सेना बेत हनून शहर से बाहर निकल आई थी. लगभग एक हफ़्ते तक चली इस कार्रवाई में 60 से भी ज़्यादा फ़लस्तीनी और एक इसरायली सैनिक मारे गए. | इससे जुड़ी ख़बरें इसराइल की ताज़ा कार्रवाई में सात मरे04 नवंबर, 2006 | पहला पन्ना मस्जिद में छिपे चरमपंथी बच निकले03 नवंबर, 2006 | पहला पन्ना अब्बास ने इसराइली हमले की निंदा की01 नवंबर, 2006 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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