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इसराइल की ताज़ा कार्रवाई में सात मरे | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इसराइल ने ग़ज़ा पट्टी में अपनी सैनिक कार्रवाई जारी रखी है. ताज़ा कार्रवाई में सात लोग मारे गए हैं जिनमें हमास के तीन सदस्य भी हैं. बुधवार से शुरू हुई इसराइली कार्रवाई में अभी तक 52 लोग मारे जा चुके हैं. जिनमें कम से कम 10 चरमपंथी हैं. कार्रवाई में एक इसराइली सैनिक भी मारा गया है. इसराइली अधिकारियों का कहना है कि सैनिक कार्रवाई का मक़सद चरमपंथियों के ठिकाने को नष्ट करना और इसराइल पर रॉकेट हमले को रोकना है. दूसरी ओर फ़लस्तीनी अधिकारियों ने इसराइल पर जनसंहार का आरोप लगाया है. फ़लस्तीनी चरमपंथी गुटों का भी कहना है कि वे इसराइल पर तभी रॉकेट हमला करते हैं जब इसराइली सेना कार्रवाई करती है. बुधवार से इसराइल ने ग़ज़ा पट्टी पर हमला करना शुरू किया है. इसके बाद अकेले शुक्रवार को 17 लोग मारे गए जिनमें दो महिलाएँ भी शामिल हैं. इसराइली सेना के एक प्रवक्ता का कहना है कि सेना ने बेट हनॉन, बेट लाहिया, जबालिया और रफ़ा पर हवाई हमले किए गए. बेट हनॉन के निवासियों का कहना है कि शहर में इसराइली सैनिकों की कार्रवाई के बाद से कर्फ़्यू जैसी स्थिति है. तलाशी इसराइली सैनिक इस शहर में घर-घर की तलाशी ले रहे हैं. शुक्रवार को इसराइली सैनिकों ने एक मस्जिद की घेराबंदी की थी क्योंकि मस्जिद में 13 चरमपंथी छिपे हुए थे. हमास रेडियो ने स्थानीय महिलाओं से दखल देने की अपील की. बाद में एक महिला नाहिद अबू हरबिया ने बीबीसी अरबी सेवा को बताया कि मस्जिद के अंदर छिपे बंदूकधारियों को महिलाओं को कपड़े पहनाकर बाहर निकाला गया. जब ये महिलाएँ इसराइली सैनिकों की ओर बढ़ीं तो उन पर गोलियाँ चलाई गईं और दो महिलाओं की मौत हो गई. 10 अन्य महिलाएँ घायल भी हो गईं. हमास के नेता इस्माइल हानिया ने महिलाओं की प्रशंसा की लेकिन इसराइल का कहना है कि महिलाओं को चरमपंथियों के बचाव के लिए इस्तेमाल किया गया. शनिवार को इसराइली सेना ने इस मस्जिद के निकट की तीन इमारतों को ध्वस्त कर दिया. इसराइली सैनिकों का दावा है कि इन इमारतों में हथियार रखे गए थे. | इससे जुड़ी ख़बरें मस्जिद में छिपे चरमपंथी बच निकले03 नवंबर, 2006 | पहला पन्ना अब्बास ने इसराइली हमले की निंदा की01 नवंबर, 2006 | पहला पन्ना बंदियों के मुद्दे पर हिज़्बुल्ला-इसराइल वार्ता01 नवंबर, 2006 | पहला पन्ना 'इसराइली राष्ट्रपति खुद पद छोड़ें'29 अक्तूबर, 2006 | पहला पन्ना 'इसराइल ग़ैर-क़ानूनी बस्तियाँ खाली करे'27 अक्तूबर, 2006 | पहला पन्ना 'छापे में सात फ़लस्तीनियों की मौत'23 अक्तूबर, 2006 | पहला पन्ना 'दुनिया में बहुमत यातना के ख़िलाफ़'19 अक्तूबर, 2006 | पहला पन्ना शुरुआती सत्र में नहीं जाएँगे कात्साव 16 अक्तूबर, 2006 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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