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'इसराइली राष्ट्रपति खुद पद छोड़ें' | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इसराइल के एटॉर्नी जनरल ने कहा है कि जब तक राष्ट्रपति मोशे कात्साव यौन शोषण और बलात्कार के आरोपों से मुक्त नहीं हो जाते तब तक के लिए उन्हें अपना पद छोड़ देना चाहिए. एटॉर्नी जनरल ने यह सुझाव सुप्रीम कोर्ट के आग्रह पर दिया है. लेकिन इसे मानने के लिए इसराइली राष्ट्रपति बाध्य नहीं हैं. ग़ौरतलब है कि सरकार के पास मोशे कात्साव को हटाने का अधिकार नहीं है. इसके लिए संसद के तीन-चौथाई सदस्यों को उनके ख़िलाफ़ मत देना होगा. दूसरी ओर, इसराइली राष्ट्रपति अपने ख़िलाफ़ लगे आरोपों का खंडन करते रहे हैं. जबकि दो सप्ताह पहले पुलिस ने कहा था कि उसके पास राष्ट्रपति के ख़िलाफ़ बलात्कार और दूसरे आरोपों के मामलों में पर्याप्त सबूत हैं. पूरे मामले को तूल पकड़ते देखकर ही मोशे कात्साव ने संसद के शुरुआती सत्र में हिस्सा नहीं लेने का फ़ैसला किया था. ‘जनता की आकांक्षा’ एटॉर्नी जनरल मेनाशेम माज़ूज़ के हवाले से कहा गया है, ' राष्ट्रपति देश के प्रमुख होने के नाते राष्ट्र की संप्रभुता के प्रतीक हैं. इसलिए यह ज़रूरी है कि वह इस दौरान खुद को निलंबित रखें.' उन्होंने यह भी सलाह दी है कि अगर मोशे कात्साव खुद ऐसा नहीं करते हैं तो संसद को कार्रवाई करनी चाहिए. सुप्रीम कोर्ट को दी गई एटॉर्नी जनरल की सलाह पर फिलहाल राष्ट्रपति के कार्यालय ने कोई टिप्पणी नहीं की है. साठ वर्षीय कात्साव दक्षिणपंथी लिकुड पार्टी के सदस्य हैं और सन् 2000 से राष्ट्रपति के पद पर हैं. | इससे जुड़ी ख़बरें शुरुआती सत्र में नहीं जाएँगे कात्साव 16 अक्तूबर, 2006 | पहला पन्ना 'कात्साव के ख़िलाफ़ पर्याप्त सबूत' 15 अक्तूबर, 2006 | पहला पन्ना लेबर को 19 सीटें: इसराइली चुनाव आयोग03 अप्रैल, 2006 | पहला पन्ना इसराइल में सरकार बनाने की कोशिशें शुरु02 अप्रैल, 2006 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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