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बुश ने रम्सफ़ेल्ड की तारीफ़ के पुल बाँधे | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीका के राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने एक बार फिर डोनल्ड रम्सफ़ेल्ड की तारीफ़ के पुल बाँधे हैं. हालाँकि चुनावों में रिपब्लिकन पार्टी की हार के बाद रम्सफ़ेल्ड को रक्षा मंत्री का पद छोड़ना पड़ा था. लेकिन इसके बावजूद रम्सफ़ेल्ड की मुश्किलें कम नहीं हो रही हैं. अमरीका में मानवाधिकार वकीलों के एक समूह ने आरोप लगाया है कि ग्वांतानामो और अबू ग़रेब जेलों में क़ैदियों के साथ हुए दुर्व्यवहार में उनकी भूमिका थी. इस आरोप के तहत रम्सफ़ेल्ड के ख़िलाफ़ क़ानूनी कार्रवाई भी हो सकती है. लेकिन राष्ट्रपति बुश ने रम्सफ़ेल्ड को ऐसा नेता बताया है जिसका नाम इतिहास में दर्ज होगा. अपने साप्ताहिक रेडियो संबोधन में बुश ने कहा, "इतिहास में इस बात को अंकित किया जाएगा कि रम्सफ़ेल्ड ने दो आतंकवादी शासन को उखाड़ फेंकने वाली हमारी सेना को नेतृत्व प्रदान किया, अल-क़ायदा के कई चरमपंथियों को न्याय के कटघरे में पहुँचाया और हमारे लोगों पर नए आतंकवादी हमले को रोकने में सहायता की." राष्ट्रपति बुश ने कहा कि डोनल्ड रम्सफ़ेल्ड के नेतृत्व के कारण अमरीका और दुनिया पहले से कहीं ज़्यादा सुरक्षित है. आरोप लेकिन अमरीका स्थित वकीलों के एक संगठन सेंटर फ़ॉर कांस्टीच्यूशनल राइट्स ने आरोप लगाया है कि डोनल्ड रम्सफ़ेल्ड ने हिरासत में रखे गए लोगों के मुँह खुलवाने के लिए प्रताड़ना के कई तरीकों को व्यक्तिगत तौर पर स्वीकृति दी. वकीलों का यह संगठन अबू ग़रेब जेल में क़ैद रहे 11 इराक़ियों और ग्वांतानामो बे में क़ैद एक सऊदी नागरिक की ओर से यह मामला ला रहा है. मोहम्मद क़तानी नामक इस सऊदी नागरिक पर आरोप है कि उसने 11 सितंबर के हमलावरों से जुड़ने की कोशिश की थी. मानवाधिकार संगठन ह्यूमन राइट्स वॉच के कार्यकारी निदेशक केनेथ रॉथ के अनुसार क़तानी मामले में रम्सफ़ेल्ड के ख़िलाफ़ सबूत ख़ुद अमरीकी सेना के पास हैं. रॉथ ने कहा, "पेंटागन की जाँच पर आधारित एक रिपोर्ट से हमें जो जानकारी मिली है उसके अनुसार क़तानी की निगरानी और उनसे पूछताछ के मामले से डोनल्ड रम्सफ़ेल्ड गहन रूप से जुड़े हुए थे." जानकारी उन्होंने बताया कि ख़ुद पेंटागन के अनुसार छह सप्ताह की अवधि में रम्सफ़ेल्ड ने क़तानी के बारे में हर सप्ताह जानकारी ली थी. इस दौरान रम्सफ़ेल्ड ने पूछताछ के कई ऐसे तरीकों को स्वीकृति दी. जिनसे जिनेवा संधि का उल्लंघन होता है.
वकीलों के संगठन सेंटर फ़ॉर कांस्टीच्यूशनल राइट्स ने कहा है कि उसकी योजना रम्सफ़ेल्ड के ख़िलाफ़ अगले सप्ताह जर्मनी में एक आपराधिक मामला दायर करने की है. दरअसल जर्मन क़ानून के अनुसार रम्सफ़ेल्ड के ख़िलाफ़ वहाँ मामला चलाया जा सकता है. भले ही कथित अपराध इराक़ और क्यूबा में हुआ हो. इससे पहले 2004 में भी सेंटर फ़ॉर कांस्टीच्यूशनल राइट्स ने डोनल्ड रम्सफ़ेल्ड के ख़िलाफ़ आपराधिक मामला चलाने का प्रयास किया था. उस समय भी अबू ग़रेब जेल में मानवाधिकार हनन के आरोप लगाए गए थे. हालाँकि तब मामला आगे नहीं बढ़ पाया था. डोनल्ड रम्सफ़ेल्ड के ख़िलाफ़ आपराधिक मुक़दमा चलाने के इस ताज़ा प्रयास पर अभी अमरीकी रक्षा मंत्रालय की कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है. | इससे जुड़ी ख़बरें रम्सफ़ेल्ड को हटाने की घोषणा08 नवंबर, 2006 | पहला पन्ना रम्सफ़ेल्ड की विदाई का असर09 नवंबर, 2006 | पहला पन्ना गेट्स का ज़्यादा समय सीआईए में बीता09 नवंबर, 2006 | पहला पन्ना रम्सफ़ेल्ड-राइस अचानक बग़दाद पहुँचे26 अप्रैल, 2006 | पहला पन्ना रम्सफ़ेल्ड के इस्तीफ़े की माँग बढ़ी14 अप्रैल, 2006 | पहला पन्ना अभी सैनिक वापसी का वक़्त नहीं19 मार्च, 2006 | पहला पन्ना 'अमरीका प्रचार युद्ध में पिछड़ रहा है'18 फ़रवरी, 2006 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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