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अभी सैनिक वापसी का वक़्त नहीं | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीकी रक्षा मंत्री डोनल्ड रम्सफ़ेल्ड ने कहा है कि इराक़ से समय पूर्व अमरीकी सैनिकों की वापसी से चरमपंथियों को बढ़ावा मिल सकता है. रम्सफ़ेल्ड ने कहा है कि इराक़ से समय पूर्व अमरीकी सैनिकों की वापसी का मतलब वही होगा मानो द्वितीय विश्व युद्ध के बाद जर्मनी दोबारा नाज़ियों को सौंप दिया गया हो. वाशिंग्टन पोस्ट अख़बार में अपने लेख में रम्सफ़ेल्ड ने कहा है कि अमरीका अभी इराक़ से निकलता है तो चरमपंथी आगे बढ़ जाएँगे. उनका लेख ऐसे दिन प्रकाशित हुआ है जब इराक़ पर हमले की तीसरी बरसी के मौक़े पर अमरीका समेत दुनिया के कई देशों में प्रदर्शन हुए हैं. प्रदर्शनकारियों ने इराक़ से विदेशी सैनिकों की वापसी की माँग की है. इराक़ी जनता का साथ रम्सफ़ेल्ड ने अपने लेख में कहा है कि इराक़ के अधिकतर लोग चाहते हैं कि वहाँ अमरीकी अगुआई वाले सैनिक गठजोड़ को पूरी सफलता मिले. अमरीकी रक्षा मंत्री ने कहा कि इराक़ में चरमपंथी सांप्रदायिक विद्वेष फैला कर गृह युद्ध शुरू करना चाहते हैं. रम्सफ़ेल्ड ने कहा, "लेकिन हिंसा और उकसावे की तमाम कोशिशों के बाद भी अधिकतर इराक़ी ने साफ कर दिया है कि वो देश को सांप्रदायिक झगड़े से मुक्त और एकजुट देखना चाहते हैं." इराक़ी सुरक्षा बलों की तारीफ़ करते हुए रम्सफ़ेल्ड ने कहा है कि तीन चौथाई सैनिक अभियानों में उनकी भागीदारी रहती है. उन्होंने कहा कि इराक़ में सैनिक अभियानों में लगभग आधे इराक़ी बलों द्वारा तैयार और कार्यान्वित होते हैं. | इससे जुड़ी ख़बरें इराक़ में गृहयुद्ध चल रहा है:अलावी19 मार्च, 2006 | पहला पन्ना इराक़ युद्ध की बरसी पर प्रदर्शन18 मार्च, 2006 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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