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'अमरीका प्रचार युद्ध में पिछड़ रहा है' | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीकी रक्षा मंत्री डोनल्ड रम्सफ़ेल्ड ने कहा है कि उनका देश अल-क़ायदा और अन्य शत्रुओं के ख़िलाफ़ प्रचार-युद्ध में पीछे छूट रहा है. उन्होंने कहा कि अमरीका सरकार और अमरीकी सेना को किसी महत्वपूर्ण घटनाक्रम पर तुरंत ध्यान देते हुए इंटरनेट और सैटेलाइट टीवी जैसे संचार के आधुनिक साधनों का इस्तेमाल करना चाहिए. रम्सफ़ेल्ड ने कहा, "अल-क़ायदा और अन्य चरमपंथी संगठन इन माध्यमों का वर्षों से इस्तेमाल करते रहे हैं. और वे पश्चिमी जगत के प्रति मुस्लिम जनता के विचारो को दूषित करने में सफल भी रहे हैं. दूसरी ओर हमने उनके इस क़दम का सामना करने की शुरूआत भर की है." सीनेट की एक समिति के समक्ष अमरीकी रक्षा मंत्री ने कहा कि आतंकवाद के ख़िलाफ़ लड़ाई में मीडिया का बेहतर उपयोग किए जाने की ज़रूरत है, 'क्योंकि दुश्मन मीडिया युग के मुताबिक ख़ुद को ढाल चुके हैं.' ग्वांतानामो का विवाद डोनल्ड रम्सफ़ेल्ड ने ग्वांतानामो बे बंदी शिविर को बंद करने की संयुक्त राष्ट्र महासचिव कोफ़ी अन्नान की माँग को सरासर ग़लत बताया है. उन्होंने कहा कि हिरासत केंद्र को अच्छे ढंग से चलाया जा रहा है. रम्सफ़ेल्ड के अनुसार ग्वांतानामो में बुरे लोगों को रखा गया है, जो कि आज़ाद कर दिए जाने पर अमरीकियों की जान ले का प्रयास करेंगे. इस बीच एक अलग बयान में अमरीकी राष्ट्रपति जॉर्ज डब्ल्यू बुश ने शुक्रवार को कहा कि अमरीका पर आतंकवादी हमलों का ख़तरा कम नहीं हुआ है. बुश ने फ़्लोरिडा में भाषण देते हुए कहा कि उनकी नीति आतंकवादियों को विदेशों में परास्त करने की है ताकि अमरीकी ज़मीन पर आतंकवाद के पाँव नहीं पर सके. | इससे जुड़ी ख़बरें जॉर्डन में नौ को मौत की सज़ा15 फ़रवरी, 2006 | पहला पन्ना 'अमरीका आतंकवादियों से बात नहीं करता'20 जनवरी, 2006 | पहला पन्ना 'ओसामा के टेप' में अमरीका पर और हमलों की धमकी19 जनवरी, 2006 | पहला पन्ना 'सेना हटाने की बात इस्लाम की जीत'06 जनवरी, 2006 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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