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चुनाव प्रचार के अंत में बुश की अपील | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीकी राष्ट्रपति बुश ने अमरीकी संसद के चुनाव प्रचार के अंत में मतदाताओं से रिपब्लिकन पार्टी को वोट देने की अपील की. मतदान मंगलवार को होना है. राष्ट्रपति बुश का कहना था कि उनकी पार्टी इन चुनावों में जीतेगी क्योंकि उसकी करों और सुरक्षा पर सही नीति रही है. मध्यावधि चुनावों के अंतिम दौर में राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने दक्षिणी प्रांतों फ़्लोरिडा, टेक्सास और अर्कन्सास में प्रचार किया. दूसरी ओर विभिन्न सर्वेक्षणों का कहना है कि इस मध्यावधि चुनाव में विपक्षी डेमोक्रेटिक पार्टी अमरीकी संसद के कम से कम एक सदन पर नियंत्रण हासिल कर सकती है. विपक्षी डेमोक्रेट इराक़ को मुद्दा बनाए हुए हैं और कह रहे हैं कि रिपब्लिकन पार्टी ने बुश प्रशासन की 'असफल इराक़ नीति' का आँख मूंद कर पालन किया. वॉशिंगटन में बीबीसी संवाददाता का कहना है कि इराक़ में हाल के दिनों में कई अमरीकी सैनिकों की मौत और राष्ट्रपति की घटती लोकप्रियता ने कई सीटों पर मुक़ाबले को कठिन बना दिया है. उनका कहना है कि रिपब्लिकन कड़ी मेहनत कर रहे हैं और हाल के दिनों में इसका कुछ फ़ायदा भी मिला है. पैंतीस प्रांतों में चुनाव के पहले मतदान की सुविधा दी गई है. फिर भी मतदान का प्रतिशत 40 से अधिक होने की उम्मीद नहीं है. इराक़ का असर अमरीकी चुनाव प्रचार को इराक़ ने बहुत प्रभावित किया है. दोनों ही दलों ने रविवार को इराक़ के पूर्व राष्ट्रपति सद्दाम हुसैन को मौत की सज़ा के फ़ैसले का स्वागत किया है. हालांकि सोमवार को प्रकाशित प्रमुख सैन्य जर्नलों में सरकार की इराक़ नीति की निंदा की गई. इन जर्नलों ने अपनी संपादकीय में कहा है कि रक्षामंत्री रम्सफ़ेल्ड की ग़लत इराक़ नीति की वजह से सरकार विफल हुई है और रक्षामंत्री को हटा दिया जाना चाहिए. राष्ट्रपति बुश ने कई दिन दक्षिणी प्रांतों में चुनाव प्रचार किया क्योंकि इन्हीं इलाक़ों में रिपब्लिकन की स्थिति कमज़ोर मानी जा रही है. ग़ौरतलब है कि सात नवंबर को होने वाले चुनावों में कांग्रेस यानी निचले सदन के सभी सदस्यों और सीनेट यानी उच्च सदन के एक तिहाई सदस्यों और 36 गवर्नरों के चुनाव होने हैं. | इससे जुड़ी ख़बरें अमरीकी चुनाव में इराक़ पर सवाल04 नवंबर, 2006 | पहला पन्ना 'अरब मीडिया में फ़ैसले की आलोचना'06 नवंबर, 2006 | पहला पन्ना किसी को भी मौत की सज़ा के पक्ष में नहीं हैं ब्लेयर06 नवंबर, 2006 | पहला पन्ना इराक़ के लिए मील का पत्थर: बुश05 नवंबर, 2006 | पहला पन्ना मैं भी इराक़ की स्थिति से संतुष्ट नहीं: बुश25 अक्तूबर, 2006 | पहला पन्ना इराक़ में रणनीति बदलते रहे हैं: जॉर्ज बुश21 अक्तूबर, 2006 | पहला पन्ना 'इराक़-वियतनाम की तुलना हो सकती है'19 अक्तूबर, 2006 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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