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इराक़ के लिए मील का पत्थर: बुश | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने कहा है कि सद्दाम हुसैन को मौत की सज़ा इराक़ियों के लिए तानाशाह के राज से क़ानून-व्यवस्था के शासन के रास्ते में मील का पत्थर है. उन्होंने कहा कि सद्दाम हुसैन ने जिन लोगों को न्याय से वंचित कर दिया था, उन्हें अब न्याय मिला है. उल्लेखनीय है कि इराक़ के पूर्व राष्ट्रपति सद्दाम हुसैन को रविवार को एक अदालत ने 1982 के दुजैल नरसंहार मामले में मौत की सज़ा सुनाई है. इस फ़ैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए राष्ट्रपति बुश ने माना कि इराक़ को अभी लंबा रास्ता तय करना है लेकिन इतिहास में इस दिन को आज़ाद और न्यायसंगत समाज की ओर एक क़दम के रुप में दर्ज किया जाएगा. चुनाव प्रचार के बीच प्रतिक्रिया देते हुए बुश ने कहा कि यह इराक़ के लोकतंत्र और संवैधानिक सरकार की बड़ी उपलब्धि है. राष्ट्रपति बुश ने अपनी प्रतिक्रिया के अंत में इराक़ में तैनात अमरीकी सैनिकों और उनके परिवारजनों के प्रति कृतज्ञता ज़ाहिर की. ऐसे समय में जब चुनावों में बुश प्रशासन की इराक़ नीति पर बड़े सवाल उठाए जा रहे हैं सद्दाम हुसैन के फ़ैसले के समय को लेकर कई तरह की चर्चा हो रही है. इससे पहले अमरीकी राष्ट्रपति के कार्यालय ने इन आरोपों को निराधार बताया था कि सद्दाम हुसैन के मामले के फ़ैसले का अमरीकी चुनाव से कोई लेना देना है. व्हाइट हाउस के प्रवक्ता ने कहा कि यह कहना कि षडयंत्रपूर्वक ऐसा किया गया है, अनर्गल है. | इससे जुड़ी ख़बरें सद्दाम को सज़ा: नेताओं की प्रतिक्रिया05 नवंबर, 2006 | पहला पन्ना सद्दाम की सज़ा पर मिली-जुली प्रतिक्रिया05 नवंबर, 2006 | पहला पन्ना सद्दाम हुसैन को मौत की सज़ा05 नवंबर, 2006 | पहला पन्ना सद्दाम और जजों के बीच नोंक-झोंक05 नवंबर, 2006 | पहला पन्ना अमरीकी चुनाव में इराक़ पर सवाल04 नवंबर, 2006 | पहला पन्ना 'हिंसा अमरीकी चुनावों से संबंधित'31 अक्तूबर, 2006 | पहला पन्ना सद्दाम हुसैन: बिना पटकथा का शो-मैन05 नवंबर, 2006 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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