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बांग्लादेश में संकट गहराया | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
बांग्लादेश में होने वाले चुनाव किसकी निगरानी में हों इसे लेकर विवाद काफ़ी गहरा गया है और गंभीर राजनीतिक अस्थिरता की स्थिति बन रही है. पाँच वर्ष के कार्यकाल के पूरा होने के मौक़े पर दिए गए अपने भाषण में प्रधानमंत्री ख़ालिदा ज़िया ने कहा है कि अगर राजनीतिक दल देश के संविधान का सम्मान करें तो चुनाव निष्पक्ष हो सकते हैं. इससे पहले उन्होंने आगामी चुनावों से पहले ही चुनाव सुधार की विपक्ष की माँग को ठुकरा दिया था. बेग़म ज़िया भूतपूर्व मुख्य न्यायाधीश केएम हसन को इस कार्यवाहक सरकार की बागडोर सौंपना चाहती हैं जिसको लेकर मुख्य विपक्षी पार्टी अवामी लीग में खासी नाराजगी है. वर्त्तमान सरकार को शुक्रवार तक हर हाल में सत्ता छोड़ देनी है लेकिन सत्ताधारी और प्रमुख विपक्षी दल अभी तक इसी उधेड़बुन में फँसे हैं कि इसके बाद क्या होगा. विरोध प्रदर्शन इधर दोनों पक्षों ने अपने-अपने समर्थकों से सड़कों पर उतरने के लिए तैयार रहने को कहा है. कार्यवाहक सरकार को नए चुनाव होने तक एक निष्पक्ष अंतरिम सरकार की तरह से कार्य करना है. यह चुनाव अगले वर्ष जनवरी माह तक होना है.
किसी समाधान तक पहुँचने के लिए बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी और अवामी लीग के बीच कई दौर की बातचीत हुई. लेकिन अब तक कोई समझौता नहीं हुआ है. अवामी लीग ने कार्यवाहक सरकार के लिए केएम हसन के नाम को यह कहकर खारिज कर दिया है कि वह 'बीएनपी के पिट्ठू' हैं. उन्होंने अपने समर्थकों से आह्वान किया है कि यदि हसन को शासन की बागडोर सौंपी जाती है तो वे राजधानी ढाका पहुँचकर बल प्रयोग का भी सहारा लें. अभी तक बांग्लादेश की आम जनता की निगाहें किसी समझौते की उम्मीद में इन दोनों पार्टियों के बीच होने वाली बैठकों पर टिकी थी. लेकिन अब उनकी सारी उम्मीद खत्म हो चुकी है. अब वहाँ विवादों से भरे चुनाव प्रचार का मंज़र तैयार होता साफ़ दिख रहा है. | इससे जुड़ी ख़बरें 'समृद्ध बांग्लादेश दक्षिण एशिया के हित में'21 मार्च, 2006 | भारत और पड़ोस ढाका में प्रदर्शनकारी और पुलिस भिड़े11 जून, 2006 | भारत और पड़ोस बांग्लादेश में राजनीतिक संकट26 अक्तूबर, 2006 | भारत और पड़ोस बांग्लादेश में विपक्ष की 36 घंटे की हड़ताल13 जून, 2006 | भारत और पड़ोस सार्क शिखर बैठक की तारीख़ घोषित11 जून, 2005 | पहला पन्ना 'पाकिस्तानी, बांग्लादेशी महिलाएँ पीछे'21 अक्तूबर, 2005 | पहला पन्ना लाखों बच्चे भूखे सोते हैं: यूनिसेफ़02 मई, 2006 | पहला पन्ना | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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