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'समृद्ध बांग्लादेश दक्षिण एशिया के हित में' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
राष्ट्रपति प्रांगण में बांग्लादेश की प्रधानमंत्री ख़ालिदा ज़िया का स्वागत करते हुए भारतीय प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा है कि एक मज़बूत और समृद्ध बांग्लादेश पूरे दक्षिण एशिया के हित में है. ख़ालिदा ज़िया भारत के तीन दिवसीय दौरे पर आई हुई हैं. मंगलवार को उनकी मुलाक़ात राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम से हुई है. राष्ट्रपति कलाम ने सुझाव दिया कि दोनों देशों के बीच संबंध बढ़ेंगे तो आदान प्रदान भी बढ़ेगा. दोनों नेताओं के बीच क़रीब तीस मिनट की बातचीत हुई जिसमें दोनों देशों के बीच रेल, वायु और सड़क मार्गों को बढ़ाने पर ज़ोर दिया गया. दोनों देशों के बीच कई विवादास्पद मुद्दे हैं जिनका समाधान खोजा जाना है. ख़ालिदा ज़िया ने अपनी यात्रा के बारे में कहा कि वो खुले मन से आई हैं और वो हर मुद्दे पर बातचीत के लिए तैयार हैं. हालांकि बांग्लादेश के विदेश सचिव हिमायतुद्दीन ने स्पष्ट किया कि हम तीस्ता नदी के जल बंटवारे का समाधान चाहते हैं क्योंकि अगर भारत नदियों को जोड़ने की अपनी योजना पर अमल करता है तो हमारे लिए मुसीबतें बढ़ेगी. उनका कहना था कि इसके अलावा व्यापार क्षेत्र में भारत का पलड़ा भारी है उस पर भी बात होनी चाहिए. चरमपंथ का मुद्दा
भारत की ओर से पूर्वोत्तर राज्यों की चरमपंथी गतिविधियों को लेकर बांग्लादेश की भूमिका और सीमापार से घुसपैठ की समस्या उठाई जाती रही है. हालांकि बांग्लादेश इससे इंकार करता रहा है. उल्लेखनीय है कि अपने नौ साल के कार्यकाल में ख़ालिदा ज़िया की यह पहली भारत यात्रा है. विशेषज्ञ मानते हैं कि इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य तो विश्वास बहाली है क्योंकि पिछले कुछ वर्षों में भारत और बांग्लादेश के बीच संबंधों में बहुत खटास आ गई है. | इससे जुड़ी ख़बरें बुद्धदेव ने बांग्लादेश पर आरोप लगाए11 मार्च, 2006 | भारत और पड़ोस बांग्लादेश में 'चरमपंथी' गिरफ़्तारी02 मार्च, 2006 | भारत और पड़ोस विदेशी नागरिक क़ानून में संशोधन होगा10 फ़रवरी, 2006 | भारत और पड़ोस अपने ही घर में बेघर हुए किसान28 जनवरी, 2006 | भारत और पड़ोस बांग्लादेश में हड़ताल, झड़पों में 100 घायल22 जनवरी, 2006 | भारत और पड़ोस अफ़ग़ानिस्तान बना सार्क सदस्य13 नवंबर, 2005 | भारत और पड़ोस 'भारत को दोषी ठहराना अनुचित'02 अक्तूबर, 2005 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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