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बांग्लादेश में राजनीतिक संकट | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
बांग्लादेश में अगले चुनावों की देखरेख के मुद्दे पर सत्तारूढ़ बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) और विपक्षी अवामी लीग की बातचीत टूट गई है जिससे देश में राजनीति संकट उत्पन्न हो गया है. बांग्लादेश की सरकार के कार्यकाल का शुक्रवार को अंतिम दिन है लेकिन सत्तारूढ़ बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी और विपक्षी अवामी लीग आपस में भिड़ी हुईं हैं. इसके कारण ये फ़ैसला नहीं हो पा रहा है कि प्रधानमंत्री का शुक्रवार को कार्यकाल समाप्त होने पर कौन सत्ता संभालेगा. ग़ौरतलब है कि यह अंतरिम व्यवस्था अगली साल जनवरी में चुनाव होने तक जारी रहेगी. सत्तारूढ़ बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी और विपक्षी अवामी लीग के बीच कई दौर की बातचीत हुई लेकिन कोई सहमति नहीं हो पायी है. बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी का कहना है कि पूर्व मुख्य न्यायाधीश केएम हसन को ज़िम्मेदारी सौंपी जानी चाहिए जबकि अवामी लीग का कहना है कि वो बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी की 'कठपुतली' हैं. अवामी लीग ने अपने समर्थकों से कहा कि यदि केएम हसन कार्यभार संभालते हैं तो इसका सड़कों पर विरोध किया जाए. बीबीसी संवाददाता का कहना है कि दोनों दलों की बातचीत का टीवी पर सीधा प्रसारण किया गया और उम्मीद की जा रही थी कि इस मुद्दे पर टकराव टाला जा सकेगा. लेकिन अब उम्मीदें धूमिल हो गई हैं और माना जा रहा है कि चुनावों में हिंसा को टालना मुश्किल होगा. | इससे जुड़ी ख़बरें ढाका में प्रदर्शनकारी और पुलिस भिड़े11 जून, 2006 | भारत और पड़ोस बांग्लादेश में विपक्ष की 36 घंटे की हड़ताल13 जून, 2006 | भारत और पड़ोस भारत ने अलगाववादियों की सूची सौंपी30 अगस्त, 2006 | भारत और पड़ोस इरशाद भ्रष्टाचार के एक मामले में बरी17 सितंबर, 2006 | भारत और पड़ोस बांग्लादेश में दो को मौत की सज़ा29 मई, 2006 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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