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ढाका में प्रदर्शनकारी और पुलिस भिड़े | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
बांग्लादेश की राजधानी ढाका में पुलिस और विपक्षी प्रदर्शनकारियों के बीच संघर्ष में कम से कम 100 लोग घायल हुए हैं. चुनाव सुधार और प्रधानमंत्री खालिदा ज़िया सरकार के त्यागपत्र की मांग के साथ 14 विपक्षी पार्टियों के गठबंधन ने 'ढाका घेराव' का आह्वान किया था. प्रदर्शनकारियों पर पुलिस ने लाठियाँ चलाईं और आँसू गैस के गोले छोड़े. हज़ारों की संख्या में जुटे लोगों ने भी पुलिस पर पथराव किया. संघर्ष में पूर्व सेना प्रमुख और विपक्षी आवामी लीग के वरिष्ठ नेता जनरल केएम शफ़ीउल्ला गंभीर रूप से घायल हो गए हैं. उनके साथ पूर्व योजना मंत्री मोहीउद्दीन ख़ान आलमगीर भी घायल हुए हैं. बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी का कार्यकाल इस साल अक्तूबर में ख़त्म हो रहा है और अगले साल जनवरी में आम चुनाव होने हैं. लेकिन विपक्षी दल सरकार से मांग कर रहे हैं जिस तरह देश में चुनाव होते रहे हैं, उसमें बदलाव हों. विपक्ष का ये भी आरोप है कि मौजूद सरकार अयोग्य और भ्रष्ट है. विपक्ष की मांग है कि मुख्य चुनाव आयुक्त एमए अज़ीज़ को बर्ख़ास्त किया जाए. विपक्ष का आरोप है कि वे पक्षपात करते हैं. लेकिन अज़ीज़ इन आरोपों से इनकार करते हैं. पिछले गुरुवार को हाई कोर्ट ने रविवार को होने वाली विरोध रैली पर पाबंदी लगाई थी. लेकिन इसके बावजूद विपक्ष समर्थक सड़क पर उतरे. घायल संघर्ष के दौरान बड़ी संख्या में पुलिसवाले भी घायल हुए हैं. बाद में कई लोगों को गिरफ़्तार भी किया गया है. विपक्षी आवामी लीग का कहना है कि 'ढाका घेराव' का मक़सद राजधानी ढाका का संपर्क देश के अन्य हिस्सों से काटना था ताकि सरकार पर दबाव बन सके.
इसी मक़सद के विपक्ष समर्थक बड़ी संख्या में राजधानी ढाका के कई हिस्सों में इकट्ठा हुए थे. पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच सबसे ज़्यादा संघर्ष कंचपुर इलाक़े में एक राजमार्ग पर हुआ. यह राजमार्ग ढाका को चटगाँव से जोड़ता है. प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि पहले तो पुलिस ने डंडे बरसा कर और आँसू गैस के गोले छोड़कर प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने की कोशिश की. बाद में पुलिस ने भीड़ पर रबर की गोलियाँ भी चलाई. पुलिस के साथ झड़प के बाद नाराज़ लोगों ने कई गाड़ियों को आग लगा दी. संघर्ष में पूर्व सेना प्रमुख जनरल केएम शफ़ीउल्ला गंभीर रूप से घायल हो गए हैं. उन्हें ढाका के एक सैनिक अस्पताल में भर्ती कराया गया है. विपक्ष का आरोप है कि पुलिसवालों ने उनको लाठियों से पीटा. पूर्व योजना मंत्री मोहीउद्दीन ख़ान आलमगीर भी संघर्ष में घायल हुए. उनका इलाज भी एक अस्पताल में चल रहा है. | इससे जुड़ी ख़बरें बांग्लादेश में दो को मौत की सज़ा29 मई, 2006 | भारत और पड़ोस अमरीका की सार्क में दिलचस्पी31 मार्च, 2006 | भारत और पड़ोस बांग्लादेश सीमाशुल्क खात्मे के पक्ष में22 मार्च, 2006 | भारत और पड़ोस 'समृद्ध बांग्लादेश दक्षिण एशिया के हित में'21 मार्च, 2006 | भारत और पड़ोस भारत और बांग्लादेश के बीच दो समझौते21 मार्च, 2006 | भारत और पड़ोस ख़ालिदा तीन दिवसीय यात्रा पर भारत में20 मार्च, 2006 | भारत और पड़ोस बुद्धदेव ने बांग्लादेश पर आरोप लगाए11 मार्च, 2006 | भारत और पड़ोस बांग्लादेश में 'चरमपंथी' गिरफ़्तारी02 मार्च, 2006 | भारत और पड़ोस इंटरनेट लिंक्स बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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