BBCHindi.com
अँग्रेज़ी- दक्षिण एशिया
उर्दू
बंगाली
नेपाली
तमिल
मित्र को भेजेंकहानी छापें
हथियारबंद अवैध लड़ाकों पर सख़्ती होगी
मिलिशिया
सद्र सिटी में छापे के बाद स्थानीय लोग काफ़ी नाराज़ हैं
इराक़ के प्रधानमंत्री नूरी अल मलिकी ने कहा है कि अवैध तौर पर काम कर रहे हथियारबंद लड़ाकों (मलिशिया) से कड़ाई से निपटा जाएगा.

इराक़ में फैलती जातीय हिंसा के पीछे ऐसे ही हथियारबंद गुटों का हाथ माना जाता है.

नूरी अल मलिकी ने इस बात पर ज़ोर दिया कि सुरक्षा स्थिति सुधारने के लिए वे अपनी बनाई समयसीमा के मुताबिक काम कर रहे हैं न की अमरीकी समयसीमा के अनुसार.

इराक़ी प्रधानमंत्री का कहना था, "मैं फिर कहता हूँ कि ये सरकार लोगों की इच्छाओं को दर्शाती है और किसी को भी समयसीमा थोपने का हक़ नहीं है."

उन्होंने कहा कि क़ानून तोड़ने वालों से सख़्ती से निपटा जाएगा.

नूरी अल मलिकी का कहना था कि बग़दाद के सद्र सिटी इलाक़े में मारे गए छापे के दौरान इराक़ी और गठबंधन सेना के बीच तालमेल नहीं था.

लोगों में नारज़ागी

 मैं फिर कहता हूँ कि ये सरकार लोगों की इच्छाओं को दर्शाती है और किसी को भी समयसीमा थोपने का हक़ नहीं है
नूरी अल मलिकी

छापे के दौरान चार लोगों की मौत हो गई थी जिससे स्थानीय लोग ख़ासे नाराज़ हैं.

इराक़ी सुरक्षाबल देर रात सद्र सिटी गए थे जिसे महदी मलिशिया का गढ़ माना जाता है. अमरीकी सेना के बयान के मुताबिक छापे का मकसद 'अवैध रूप से हथियार रखने वाले एक कमांडर' को पकड़ना था.

बयान के मुताबिक इसी दौरान इराक़ी सेना पर हमला किया गया और उन्होंने अमरीकी विमान से मदद माँगी और विमान से 'सीमित गोलीबारी' की गई ताकि दुश्मन खेमे के खतरे से निपटा जा सके.

इस बारे में कोई संकेत नहीं मिले हैं कि कमांडर को पकड़ा जा सका या नहीं.

रॉयटर्स के अनुसार घायल लोगों के रिश्तेदारों ने अमरीकी सेना और मलिकी सरकार को दोषी ठहराया है.

स्ट्रेचर पर पड़े एक व्यक्ति ने कहा," कहाँ है मलिकी, कहाँ है आज़ादी?"

लेकिन टेलीविज़न पर बोलते हुए इराक़ी प्रधानमंत्री ने खु़द को इस अभियान से अलग करने की कोशिश की और कहा कि उनसे सलाह नहीं ली गई थी.

उनका कहना था," हम गठबंधन सेना से सवाल करेंगे. "

समयसीमा

मंगलवार को अमरीका में बुश प्रशासन के कुछ मुख्य अधिकारियों ने इराक़ में स्थायित्व लाने के विभिन्न क़दमों की रुपरेखा खींची थी.

इराक़ में अमरीका के राजदूत ज़ल्मै ख़लीलजाद ने कहा था कि इराक़ी सरकार इस साल के अंत तक प्रगति के लिए समयसीमा तय करने पर तैयार हो गई है.

राजदूत का कहना था कि वे अगले 12 महीनों में अहम प्रगति की उम्मीद करते हैं.

उन्होंने महदी सेना का नाम लेते हुए कहा था कि उसे नियंत्रण में लाया जाना चाहिए.

महदी सेना शिया मौलवी मुक़तदा सद्र से जुड़ा मिलिशिया है जिसका सद्र सिटी पर ख़ासा प्रभाव है. इस संगठन पर सुन्नियों पर हमले करने के आरोप लगते रहे हैं.

संवाददाताओं का कहना है कि महदी सेना और अन्य शिया मिलिशिया से निपटना इराक़ी प्रधानमंत्री के लिए मुश्किल काम है.

इराक़ सरकार में शिया पार्टियाँ भी शामिल हैं जिनका मिलिशिया गुटों से संबंध हैं.

इससे जुड़ी ख़बरें
अमरीकी अधिकारी ने माफ़ी माँगी
23 अक्तूबर, 2006 | पहला पन्ना
इराक़ में हिंसा, 17 की मौत
21 अक्तूबर, 2006 | पहला पन्ना
'इराक़ पर सीरिया सहयोग दे सकता है'
18 अक्तूबर, 2006 | पहला पन्ना
इराक़ में 10 अमरीकी सैनिकों की मौत
18 अक्तूबर, 2006 | पहला पन्ना
अमरीकी सैनिकों पर मुक़दमा चलेगा
19 अक्तूबर, 2006 | पहला पन्ना
सुर्ख़ियो में
मित्र को भेजेंकहानी छापें
मौसम|हम कौन हैं|हमारा पता|गोपनीयता|मदद चाहिए
BBC Copyright Logo^^ वापस ऊपर चलें
पहला पन्ना|भारत और पड़ोस|खेल की दुनिया|मनोरंजन एक्सप्रेस|आपकी राय|कुछ और जानिए
BBC News >> | BBC Sport >> | BBC Weather >> | BBC World Service >> | BBC Languages >>