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ईरान के ख़िलाफ़ संभावित प्रतिबंधों पर चर्चा होगी | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
ईरान को अपना परमाणु कार्यक्रम बंद करने पर राज़ी करने में जुटे छह देशों ने ईरान के ख़िलाफ़ संभावित प्रतिबंधों पर चर्चा करने का फ़ैसला किया है. इस मसले पर लंदन में विचार विमर्श कर रहे छह देशों के विदेश मंत्रियों ने ये फ़ैसला किया है. इस बैठक में अमरीका, ब्रिटेन, चीन, जर्मनी, फ़्रांस और रूस के विदेश मंत्रियों ने भाग लिया है. यूरोपीय संघ की विदेश नीति के प्रमुख हाविए सोलाना ने इस बैठक में अपनी असफल ईरान यात्रा की बात की, जिसके दौरान उन्होंने ईरान से यूरेनियम संवर्द्धन बंद करने पर चर्चा की थी. ब्रितानी विदेश मंत्री मारग्रेट बैकेट ने स्पष्ट किया कि ईरान के ख़िलाफ़ किसी ख़ास कदम पर कोई चर्चा फ़िलहाल नहीं हुई है और प्रतिबंध लगाने की भी कोई अवधि निश्चित नहीं की गई है. बीबीसी के कूटनीतिक मामलों के संवाददाता का कहना है कि अब भी इन छह देशों में तीख़े मतभेद हैं और विशेष तौर पर रूस का ये कहना है कि वह दंडात्मक कार्रवाई नहीं चाहता है. उनके अनुसार रूस का ये भी मानना है कि ईरान के साथ बातचीत जारी रहनी चाहिए. ईरान कहता आ रहा है कि उसका परमाणु कार्यक्रम शांतिपूर्ण मकसदों के लिए है लेकिन अमरीका ये शक ज़ाहिर करता आया है ईरान परमाणु हथियार बनाने की कोशिश कर रहा है. | इससे जुड़ी ख़बरें बहुमत ईरान पर सैन्य कार्रवाई के ख़िलाफ़21 सितंबर, 2006 | पहला पन्ना अमरीका-ब्रिटेन पर ईरान का आरोप20 सितंबर, 2006 | पहला पन्ना ईरान पर प्रतिबंध के ख़िलाफ़ हैं शिराक18 सितंबर, 2006 | पहला पन्ना ईरान को गुटनिरपेक्ष देशों का समर्थन17 सितंबर, 2006 | पहला पन्ना 'ईरान पर अमरीकी रिपोर्ट ग़लत'14 सितंबर, 2006 | पहला पन्ना 'बातचीत में कुछ ग़लतफ़हमी दूर हुई'10 सितंबर, 2006 | पहला पन्ना 'ईरान ने लेबनान पर वचनबद्धता दोहराई'03 सितंबर, 2006 | पहला पन्ना 'ईरान ने समय सीमा नज़रअंदाज़ की'31 अगस्त, 2006 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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