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बहुमत ईरान पर सैन्य कार्रवाई के ख़िलाफ़ | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
दुनिया भर में लोग इस पक्ष में नहीं है कि ईरान को परमाणु हथियार बनाने से रोकने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आक्रामक क़दम उठाए जाएँ. जनमत संग्रह में शामिल ज़्यादातर लोग मानते हैं कि ईरान के परमाणु कार्यक्रम का उद्देश्य परमाणु हथियार बनाना ही है. जिन लोगों से सवाल पूछे गए, उनमें से अधिकतर लोग मानते हैं कि ईरान का यह विरोध भी जायज़ नहीं है कि उसका परमाणु कार्यक्रम सिर्फ़ शांतिपूर्ण कार्यों के लिए है. दुनिया के 25 देशों में हुआ बीबीसी वर्ल्ड सर्विस का यह सर्वेक्षण ग्लोबस्कैन और अमरीका के मैरीलैंड यूनिवर्सिटी ने मिलकर किया. साफ़ राय इस सर्वेक्षण से ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर लोगों की राय आश्चर्यजनक रुप से एकदम साफ़ नज़र आई. सर्वेक्षण में भाग लेने वाले ज़्यादातर लोगों ने इस तर्क को स्वीकार नहीं किया कि ईरान का परमाणु कार्यक्रम विशुद्ध रुप से शांतिपूर्ण कार्यों के लिए है. कोई 60 फ़ीसदी लोगों का मानना था कि ईरान परमाणु हथियार बनाने की कोशिश कर रहा है.
सर्वेक्षण में शामिल 25 देशों में से 19 देशों में ज़्यादातर लोगों की राय इसी तरह की थी. आश्चर्यजनक ढंग से कई मुस्लिम देशों में भी लोगों की राय इसी तरह की थी. सर्वेक्षण में भाग लेने वाले लोगों में इराक़ में 60 प्रतिशत, मिस्र में 54 प्रतिशत और इंडोनेशिया में 47 प्रतिशत ने मानते हैं कि ईरान परमाणु हथियार बनाना चाहता है. सर्वेक्षण में शामिल देशों के लोगों ने कहा कि यदि ईरान परमाणु हथियार बना लेता है तो उन्हें चिंता होगी. लेकिन नौ देशों, अमरीका, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया, जर्मनी, ब्राज़ील, कनाडा, इसराइल और पोलैंड में लोगों ने कहा कि ईरान के परमाणु बम बना लेने पर वे 'बहुत चिंतित' होंगे. हालांकि इन चिंताओं के बीच भी लोगों ने ईरान के ख़िलाफ़ कड़े अंतरराष्ट्रीय क़दम उठाए जाने का समर्थन नहीं किया. इस बात का कम ही लोगों ने समर्थन किया कि यदि ईरान अपना परमाणु कार्यक्रम नहीं रोकता है तो उसके ख़िलाफ़ सैन्य कार्रवाई की जाए. सिर्फ़ 11 प्रतिशत लोग ऐसे थे जिन्होंने ईरान पर हमले का समर्थन किया. इस सर्वेक्षण में शामिल ज़्यादातर लोगों ने कहा कि वे इस पक्ष में हैं कि ईरान के मामले को कूटनीतिक तरीक़ों से निपटाया जाए. लेकिन यह स्पष्ट ही नहीं हो सका कि यदि कूटनीति विफल हो जाती है तो क्या करना चाहिए. | इससे जुड़ी ख़बरें अमरीका-ब्रिटेन पर ईरान का आरोप20 सितंबर, 2006 | पहला पन्ना ईरान पर प्रतिबंध के ख़िलाफ़ हैं शिराक18 सितंबर, 2006 | पहला पन्ना 'ईरान पर अमरीकी रिपोर्ट ग़लत'14 सितंबर, 2006 | पहला पन्ना ईरान ने इराक़ को 'मदद' की पेशकश की12 सितंबर, 2006 | पहला पन्ना 'ईरान परमाणु कार्यक्रम जारी रखेगा'06 अगस्त, 2006 | पहला पन्ना विवाद पर सकारात्मक बहस हो: ईरान12 जून, 2006 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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