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प्रधानमंत्री के लिए उम्मीदवारों का चयन | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
थाईलैंड के नए सैनिक शासकों ने टाकसिन चिनावाट की जगह नए प्रधानमंत्री के लिए कुछ उम्मीदवारों का चयन किया है. जिनमें से किसी एक को प्रधानमंत्री बनाया जाएगा. पिछले दिनों देश के सैनिक कमांडरों ने चिनावाट का तख़्तापलट करते हुए सत्ता अपने हाथ में ले ली थी. चिनावाट उस समय संयुक्त राष्ट्र महासभा की बैठक में भाग लेने न्यूयॉर्क गए हुए थे. सैनिक शासकों ने प्रधानमंत्री पद के लिए जिन उम्मीदवारों का चयन किया है, उनमें शामिल हैं- विश्व व्यापार संगठन के पूर्व प्रमुख सुपकचाई पानिकचपक और बैंक ऑफ़ थाईलैंड के मौजूदा गवर्नर प्रिदियाथॉर्न देवाकुला. अभी यह स्पष्ट नहीं है कि सैनिक शासन ने इनमें से किसी से संपर्क किया है या नहीं. सैनिक अधिकारियों का कहना है कि उम्मीदवारों के नाम और नए संविधान का मसौदा राजा के पास मंज़ूरी के लिए भेजा जाएगा. विद्रोही नेताओं ने वादा किया है कि दो सप्ताह के अंदर वे नए प्रधानमंत्री की नियुक्ति कर देंगे. अब तो थाईलैंड के राजा ने भी इन सैनिक नेताओं को अपना समर्थन दे दिया है. संदेश इस बीच विद्रोही सैनिक नेताओं ने सेना के जवानों से कहा है कि वे सेना की सकारात्मक छवि क़ायम रखने के लिए लोगों से अच्छा और मित्रतापूर्ण व्यवहार करें.
लेकिन शनिवार को पहली बार चिनावाट की सरकार का तख़्तापलट करने के ख़िलाफ़ लोकतंत्र समर्थकों ने रैली की. हालाँकि मार्शल लॉ के मुताबिक़ ये रैली ग़ैर क़ानूनी थी. लेकिन एक शॉपिंग सेंटर के बाहर हुई इस रैली के दौरान कोई घटना नहीं हुई. सैनिक नेताओं को मानवाधिकार संगठनों की ओर से भी आलोचनाओं का सामना करना पड़ रहा है. पिछले दिनों सैनिक शासकों ने सभी राजनैतिक बैठकों और कोई संसद ना होने के कारण किसी भी विधायी कार्य पर पाबंदी लगा दी थी. देश में कई प्रसारणों पर इसलिए रोक लगा दी गई है क्योंकि सैनिक नेता इसे हानिकारक बता रहे हैं. सैनिक शासकों ने नई पाबंदियों का उल्लंघन करने पर मीडिया के ख़िलाफ़ कार्रवाई करने की भी चेतावनी दी है. सैनिक विद्रोह के नेता जनरल सोन्थी का कहना है कि वे दो सप्ताह के अंदर अंतरिम सरकार को सत्ता सौंप देंगे. उन्होंने ये भी कहा है कि प्रधानमंत्री पद का नया चुनाव अगले साल अक्तूबर में होगा. | इससे जुड़ी ख़बरें सैनिक नेतृत्व को शाही समर्थन की पुष्टि22 सितंबर, 2006 | पहला पन्ना थाईलैंड में राजनीतिक दलों पर प्रतिबंध21 सितंबर, 2006 | पहला पन्ना सेना ने कहा, तख़्तापलट एकजुटता के लिए20 सितंबर, 2006 | पहला पन्ना जनरल सोन्थी को 'राजा का समर्थन'20 सितंबर, 2006 | पहला पन्ना थाईलैंड में सभी भारतीय सुरक्षित20 सितंबर, 2006 | पहला पन्ना थाईलैंड में तख़्ता पलट, मार्शल लॉ लागू19 सितंबर, 2006 | पहला पन्ना थाईलैंड के राजनीतिक संकट की वजह?05 अप्रैल, 2006 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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