BBCHindi.com
अँग्रेज़ी- दक्षिण एशिया
उर्दू
बंगाली
नेपाली
तमिल
बुधवार, 20 सितंबर, 2006 को 14:27 GMT तक के समाचार
मित्र को भेजेंकहानी छापें
थाईलैंड में सभी भारतीय सुरक्षित

थाइलैंड जाने वाले विदेशी पर्यटकों में भारतीय पर्यटक बड़ी संख्या में शामिल हैं
थाईलैंड के सैनिक तख्तापलट के बाद भारत सरकार ने थाईलैंड जाने वाले भारतीय पर्यटकों के लिए कोई दिशा निर्देश जारी नहीं किए है लेकिन पर्यटकों और वहां के भारतीय व्यापारियों को लेकर चिंताएं जताई जा रही हैं.

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता नवतेज सरना ने बयान जारी कर कहा कि थाईलैंड की घटनाओं पर नज़र रखी जा रही है और जो वादे किए गए है उसे ध्यान में रखा जा रहा है.

थाईलैंड में मौजूद सारे भारतीय सुरक्षित हैं.

 अभी तक 20 से 30 प्रतिशत आरक्षण रद्द किया गया है लेकिन कई पर्यटकों ने रद्द करने की बजाय कार्यक्रम बदला है यानी जो सितंबर में जाने वाले थे उन्होंने अब अक्तूबर का टिकट लिया है
ऋचा गोयल, टूर ऑपरेटर

सरकार ने अभी तक पर्यटकों के लिए इस संबंध में कोई दिशा निर्देश जारी नहीं किए हैं लेकिन पर्यटकों ने एहतियाती क़दम उठाने शुरु कर दिए हैं.

स्टिक ट्रैवल्स की मार्केटिंग प्रमुख ऋचा गोयल बताती हैं, "अभी तक 20 से 30 प्रतिशत आरक्षण रद्द किया गया है लेकिन कई पर्यटकों ने रद्द करने की बजाय कार्यक्रम बदला है यानी जो सितंबर में जाने वाले थे उन्होंने अब अक्तूबर का टिकट लिया है."

पिछले साल क़रीब साढे तीन लाख भारतीय पर्यटक थाईलैंड गए थे जबकि इस साल जनवरी से लेकर मार्च महीने में इस संख्या में चालीस प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है.

टूर आपरेटरों का कहना है कि फिलहाल चिंता की बात नहीं है क्योंकि हिंसक घटनाएं नहीं हो रही है.

भारतीय व्यापारी

थाईलैंड में भारतीय व्यवसायियों की संख्या भी बहुत है.

 थाईलैंड में बढ़ते चीनी व्यवसाय को संतुलित करने के लिए भारतीय व्यवसाय को बढ़ावा दिया जाता है
गंगानाथ झा, प्रोफ़ेसर जेएनयू

कपड़े और फल फूल बेचने वालों से लेकर लकड़ी का काम करने वाले भारतीयों की तादाद काफी है जबकि बिड़ला और रैनबैक्सी जैसे समूहों का बड़ा व्यापार भी है. तो क्या यह तख्तापलट उनके लिए चिंता का विषय है.

थाईलैंड पर नज़र रखने वाले जवाहर लाल नेहरु विश्वविद्यालय के प्रोफेसर गंगानाथ झा कहते हैं कि ऐसा कुछ नहीं है.

उनका कहना था, "देखिए थाईलैंड में जो छोटे व्यवसायी हैं वो मुख्यत आज़ाद हिंद फौज के पूर्व सैनिक हैं. उन्हें फौजी हूकुमत ने ही बसाया था इसलिए उनके लिए चिंता का विषय नहीं है. दूसरा कारण ये है कि थाईलैंड में बढ़ते चीनी व्यवसाय को संतुलित करने के लिए भारतीय व्यवसाय को बढ़ावा दिया जाता है."

प्रेक्षकों को उम्मीद है कि इस थाईलैंड में जल्दी ही लोकतांत्रिक व्यवस्था बहाल होगी लेकिन तब तक वहां जाने वाले पर्यटकों और रहने वाले विदेशी लोगों को एहतियात बरतने की सलाह सभी दे रहे हैं.

इससे जुड़ी ख़बरें
चिनावाट ने जीत का दावा किया
02 अप्रैल, 2006 | पहला पन्ना
जनरल सोन्थी को 'राजा का समर्थन'
20 सितंबर, 2006 | पहला पन्ना
सुर्ख़ियो में
मित्र को भेजेंकहानी छापें
मौसम|हम कौन हैं|हमारा पता|गोपनीयता|मदद चाहिए
BBC Copyright Logo^^ वापस ऊपर चलें
पहला पन्ना|भारत और पड़ोस|खेल की दुनिया|मनोरंजन एक्सप्रेस|आपकी राय|कुछ और जानिए
BBC News >> | BBC Sport >> | BBC Weather >> | BBC World Service >> | BBC Languages >>