|
राइस ने इसराइली प्रधानमंत्री से मुलाकात की | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीकी विदेश मंत्री कोंडोलीज़ा राइस लेबनान की यात्रा के बाद इसराइल में हैं. वहाँ वे इसराइली प्रधानमंत्री एहुद ओल्मर्ट से मिल रही हैं. एहुद ओल्मर्ट ने कहा है कि हिज़्बुल्ला के ख़िलाफ़ अभियान जारी रहेगा. उन्होंने कहा कि लेबनान के लोगों की मानवीय ज़रूरतों का उन्हें एहसास है लेकिन साथ ही ओल्मर्ट ने कहा कि इसराइल आतंकवाद के ख़िलाफ़ अपनी रक्षा कर रहा है. इस बीच ख़बर है कि इसराइली सेना लेबनान की सीमा के चार किलोमीटर अंदर बिंट जबल में प्रवेश कर चुकी है हालांकि अभी इस शहर पर क़ब्ज़ा नहीं किया है. ये शहर हिज़्बुल्ला का गढ़ माना जाता है. मानवीय ज़रूरतें
इसराइल ने संकेत दिए हैं कि वो दक्षिणी लेबनान में और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा बल की तैनाती को लिए तैयार है. लेकिन बीबीसी संवाददाता जॉनथन बीएल का कहना है कि इस बात को लेकर अब भी आशंका है कि क्या इस सुरक्षा बल को हिज़्बुल्ला स्वीकार करेगा या नहीं. अमरीकी विदेश मंत्री कॉंडोलीज़ा राइस भी इस बात पर ज़ोर देती रही हैं कि इसराइल को लेबनान और फ़लस्तीनी लोगों की मानवीय ज़रूरतों का ध्यान रखना चाहिए. लेकिन बीबीसी संवाददाता का कहना है कि ऐसे कोई संकेत नहीं मिले हैं कि वे इसराइली प्रधानमंत्री से सैन्य अभियान बंद करने के लिए कहेंगी या फिर इसराइल के क़दमों की आलोचना करेंगी. राइस मध्यपूर्व में शांति के लिए कूटनयिक प्रयासों के लिए वहाँ पहुँचीं हैं. कॉंडोलीज़ा राइस ने कहा, स्थाई हल वही होगा जो मध्य पूर्व में शांति और लोकतंत्र को मज़बूत करे. समय आ गया है कि नया मध्य पूर्व बनाया जाए. इससे पहले राइस ने सोमवार को लेबनान के प्रधानमंत्री फ़ुआद सिन्यूरा से मुलाक़ात की थी. पिछले 14 दिनों से चल रहे संघर्ष में करीब 380 लेबनान के लोग मारे जा चुके हैं और 40 इसराइलियों की भी मौत हुई है. मदद की अपील
लेबनान और इसराइल के बीच संघर्ष की शुरुआत गत 12 जुलाई को हुई थी जब हिज़्बुल्ला ने सीमापार हमला करके दो इसराइली सैनिकों को बंधक बना लिया था. उधर संयुक्त राष्ट्र सहायता एजेंसी के प्रमुख ने इसराइल पर ज़रूरत से ज़्यादा बल प्रयोग करने का आरोप लगाया है. उन्होंने हिज़्बुल्ला पर भी आरोप लगाया कि वो महिलाओं और बच्चों के बीच ख़ुद को रखकर 'कायरता' का प्रमाण दे रहा है और समस्या को और बढ़ा रहा है. संयुक्त राष्ट्र ने लेबनान के लिए 15 करोड़ डॉलर की मदद की अपील की है. जबकि अमरीका ने तीन करोड़ डॉलर देने की घोषणा की है. यूरोपीय संघ ने सोमवार को एक करोड़ 26 लाख डॉलर की मदद देने की घोषणा की थी जबकि ब्रिटेन ने सहायता राशि बढ़ाकर 50 लाख पाउंड कर दी है. |
इससे जुड़ी ख़बरें इसराइल ने लेबनान के गांव पर कब्ज़ा किया22 जुलाई, 2006 | पहला पन्ना इसराइल को अमरीकी बमों की खेप22 जुलाई, 2006 | पहला पन्ना इसराइली हमले जारी, सीमा पर जमावड़ा22 जुलाई, 2006 | पहला पन्ना भारी बमबारी, इसराइल की चेतावनी21 जुलाई, 2006 | पहला पन्ना अन्नान ने कहा, तुरंत युद्ध विराम हो20 जुलाई, 2006 | पहला पन्ना सिन्यूरा की अपील के बावजूद हमले जारी19 जुलाई, 2006 | पहला पन्ना इसराइली शहर हाइफ़ा पर रॉकेट हमले13 जुलाई, 2006 | पहला पन्ना लेबनान से लाखों लोगों का पलायन18 जुलाई, 2006 | पहला पन्ना इंटरनेट लिंक्स बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||